आष्टा| ईश्वर के प्रति अटल विश्वास का दूसरा नाम है ध्रुव। मोहमाया तथा पिता के नाते को पूरे जीवन में एक ही आधार भगवान विष्णु को अपना आराध्य मानने वाले है भक्त प्रहलाद। दोनों ही प्रभू श्रीहरि विष्णु के सच्चे भक्त हैं। सत्य व भक्ति की प्रतिमूर्ति के रूप में इन्हें जाना जाता है। यदि प्रभू की भक्ति करनी है तो इन दोनों के जीवन चरित से प्रेरणा लेनी चाहिए। यह बातें शुक्रवार को महालक्ष्मी महिला मंडल के तत्वाधान में अधिकमास में आयोजित भागवत सप्ताह के तृतीय दिवस पर कथा व्यास नगर पुरोहित पंडित डॉ. दीपेश पाठक ने श्रद्धालुओं से कहीं। धीरजधाम पं. महेश चंदा के निवास पर श्रीमद भागवत महापुराण का आयोजन किया गया है। कथावाचक पंडित पाठक ने भक्त ध्रुव व प्रहलाद की कथा का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रभू की भक्ति करने के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण होता है उन पर अटूट विश्वास करना।