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शिक्षकों की कमी से परीक्षा केंद्र बन कर रह गए महाविद्यालय: अभाविप

3 वर्ष पहले
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नगर सहित प्रदेश के अधिकांश शासकीय कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के साथ अन्य व्यवस्थाएं भी लडख़ड़ा रही हैं। इसके बाद भी उच्च शिक्षा विभाग लापरवाही बरत रहा है। अभाविप ने व्यवस्थाएं सुधारने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्राचार्य को दिया।

ज्ञापन में बताया कि मप्र में विश्वविद्यालय परीक्षा संचालित करने के मात्र केंद्र बनकर रह गए हैं। एक तरफ हम शिक्षा के गुणवत्ता की बात कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो मप्र के सभी विश्वविद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे जा रहे हैं। ऐसे में कहां से विश्वविद्यालय में गुणवत्ता आएगी और कैसे प्रवेश परीक्षा और परिणाम समय पर आएंगे। साथ ही वार्षिक कैलेंडर का पालन भी नहीं करा पा रहे हैं। काम करने वाले शिक्षक और कर्मचारी ही पूरे नहीं हैं। सबसे पहले रिक्त पदों की पूर्ति सरकार जल्द से जल्द करें। ज्ञापन में चेतावनी देते हुए अभाविप के जिला संयोजक सत्यपाल ठाकुर ने कहा कि अगर 5 जून तक मांगे नहीं मानी गई तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करेगा। इस अवसर पर रोहित तोमर,छात्र संघ अध्यक्ष रानू परमार,यश मेहता, समर्थ, अंकुश सोनी, जयदीप महेश्वरी, अखिलेश मेवाड़ा, गोपाल उपाध्याय,अमन यादव,रोहित पेरवाल आदि लोग उपस्थित थे।

महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर अभाविप ने दिया ज्ञापन।

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