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ग्रामीणों का आरोप सड़क निर्माण में कराया जा रहा घटिया काम

3 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर |औरंगाबाद नगर

62 लाख की लागत से ओबरा प्रखंड के फतेहा गांव में सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। जिसे मंगलवार को घटिया काम होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने ठप कर दिया। इधर ठेकेदार के द्वारा कहा गया कि यदि ग्रामीण नहीं माने तो वे काम को ही समेट लेंगे। क्योंकि इस्टीमेट के अनुसार गांव में सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा। जानकारी के अनुसार प्रखंड के फतेहा गांव में फेसर-पचरूखिया पथ से गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय तक लगभग 1150 मीटर लम्बी सड़क का निर्माण कराया जाना है। सड़क निर्माण के स्वीकृति के बाद काम भी शुरू कर दिया गया। काम शुरू होने के कुछ दिनों तक तो लोगों ने कुछ भी नहीं बोला। लेकिन जब अनियमितता दिखने लगी तो लोगों का गुस्सा भी बढ़ने लगा। इसके बाद ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में सुधार को लेकर ठेकेदार को कहा। पर उसके बाद भी निर्माण कार्य में सुधार नहीं हुआ और उसी तरह से कार्य होता रहा। मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और लोगों ने काम ही ठप करा दिया। अब ग्रामीणों की मांग है कि जब तक वरीय अधिकारियों के द्वारा निर्माण कार्य की जांच नहीं की जाएगी और काम में सुधार नहीं होगा। तब तक वे लोग कार्य को ठप रखेंगे।

ओबरा प्रखंड में फेसर-पचरूखिया पथ से फतेहा गांव तक बन रही थी सड़क

ग्रामीणों ने सड़क में घटिया सामग्री का इस्तेमाल देख काम कराया ठप

62 लाख का मिला था बजट, ठेकेदार ने कहा-ग्रामीण नहीं माने तो समेट लूंगा काम

निर्माण स्थल पर नहीं लगा है योजना से संबंधित बोर्ड

सड़क निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। जिससे कि यह पता चल सके कि किस योजना के तहत उक्त सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ना ही लोगों को प्राक्कलन राशि के बारे में जानकारी है और ना ही इससे संबंधित कुछ और भी। ग्रामीणों का कहना है कि इस्टीमेट को छुपाने के कारण ही अब तक बोर्ड नहीं लगाया गया है। ताकि उन लोगों को प्राक्कलन राशि की जानकारी ना हो सके।

ग्रामीण टोला संपर्क योजना के तहत बन रही है सड़क

प्रखंड के फतेहा गांव में ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत काफी इंतजार के बाद सड़क का निर्माण हो रहा है। लोगों में सड़क निर्माण का कार्य शुरू होने से आस जगी थी कि उनके गांव में पक्की सड़क होगी। जिससे आवागमन में परेशानी नहीं होगी। लेकिन निर्माण कार्य सही तरीके से नहीं होने से लोगों में अब सड़क का जर्जर होने का डर बन गया। जिसके बाद लोगों ने निर्णय लेते हुए काम को भी बंद करा दिया। फतेहा गांव प्रखंड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की दूरी पर बसा है। यहां लगभग 120 घरों में 650 की आबादी रहती है। पक्की सड़क नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में लोगों को आवागमन करने में काफी परेशानी होती है।

उन्हें सड़क निर्माण कार्य ठप कराने से संबंधित कोई जानकारी नही है और ना ही ग्रामीणों के द्वारा उनके पास कोई शिकायत किया गया है। यदि सड़क निर्माण में अनियमितता बरती जा रही होगी तो शिकायत मिलने के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कुमार शैलेन्द्र, ओबरा बीडीओ

ठेकेदार ने कहा-उक्त सड़क का निर्माण इस्टीमेट के अनुसार ही कराया जा रहा, लगे आरोप बेबुनियाद हैं

फेसर-पचरूखिया पथ से फतेहा गांव तक सड़क निर्माण करा रहे एजेंसी के ठेकेदार मुकेश कुमार ने कहा कि उक्त सड़क का निर्माण इस्टीमेट के अनुसार कराया जा रहा है। जेई के द्वारा कार्य स्थल का निरीक्षण भी किया गया है। कुछ लोग राजनीतिक साजिश के तहत अपने स्वार्थ में काम को ठप कराए हैं। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जाएगा। यदि वे लोग नहीं मानते हैं तो मैं काम समेट लूंगा और इससे संबंधित पत्र विभाग को भेज दूंगा। ग्रामीणों के द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं। वे सही नहीं है। सड़क निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

ग्रामीणों ने कहा- मिट्टी पर ही बैठा दिया गया है ह्यूम पाइप

ग्रामीण अजीत कुमार, सुनील कुमार, देवर| यादव, अरविंद कुमार, सुमेश्वर यादव, रामचन्द्र यादव, वासुदेव यादव, मनोज यादव, अखिलेश यादव, जमींदार यादव सहित अन्य का कहना है कि सड़क निर्माण के तहत नालों पर ह्यूम पाइप लगाया जाना है। निर्माण एजेंसी के द्वारा बीना सतह बनाए हुए ही सीधा मिट्टी पर ह्यूम पाइप बैठा दिया गया है। जिससे उसके धसने की आशंका ज्यादा है। वहीं जो ह्यूम पाइप लगाया जा रहा है। वह भी सही नहीं है। जेई के द्वारा स्थल का जांच भी किया गया। उसके बावजूद कार्य में कोई सुधार नहीं हुआ। जिस तरह से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। उससे यह ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है। सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। बाध्य होकर वे लोग काम को ठप कराए हैं।

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