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एड्स से जागरुकता ही बचाव : डॉ. बच्चूलाल

3 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर| औरंगाबाद ग्रामीण

मनुष्य को एड्स जैसी गंभीर बीमारियां चार कारणों से होती है। जिनमें पहला बच्चे को संक्रमित मां का दूध पीने से, दूसरा असंतुलित सेक्स संबंध बनाने से, तीसरा गर्भवती महिला से उसके बच्चे को व चौथा संक्रमित निडिल का प्रयोग करने से शामिल है। इसके बचने के लिए जागरुकता बहुत जरूरी है। तभी हम इस सुखी जीवन जी सकते हैं। यह बातें कार्यक्रम के अायोजक डॉ. बच्चूलाल सिंह ने मंगलवार को शहर के रामलखन सिंह यादव कॉलेज में एनएसएस सह रेड रिबन क्लब द्वारा एड्स के कारण व बचाव विषय पर आयोजित परिचर्चा में कही। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को एड्स होने पर उसके साथ खाने-पीने, सोने व हाथ मिलाने से नहीं फैलता है। यह कोई छूआछूत की बीमारी नहीं है। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ. अासित रंजन ने कहा कि अभी तक एड्स की दवा नहीं बनी है, इसलिए हमेशा इससे बचना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अमर प्रसाद सिंह ने की। इस मौके पर रामचन्द्र सिंह, डॉ. मो. अलाउद्दीन, डॉ. रामप्रवेश सिंह, केके तिवारी, मिथिलेश कुमार मेहता, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद यादव, डॉ. विद्यावति कुमारी, रामकुमार प्रसाद वर्मा, हेमंत कुमार सिंह, सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक के आशुतोष रंजन, सुनीलकांत रंजन, कृष्णा सिंह सहित अन्य मौजूद थे।

10 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान

यादव कॉलेज में परिचर्चा के अलावा रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया था। जिसमें 10 छात्र-छात्राएं व कर्मियों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। जिनमें कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर जितेन्द्र कुमार, सहायक लक्ष्मीभूषण, जितेन्द्र गिरी उर्फ डब्लू, अमित कुमार, शशिकांत, छात्र संघ सचिव राहुल राज, छात्र आशुतोष कुमार, ललित कुमार, छात्रा प्रतीक्षा कुमारी व स्नेहा कुमारी शामिल हैं। कॉलेज के बड़ा बाबू रामचन्द्र सिंह ने कहा कि रक्तदान महादान होता है। इससे शरीर काे कोई नुकसान नहीं होता है। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जिंदगी बचा सकता है। इसलिए सभी लोगों को अपने जीवन में रक्तदान करना चाहिए।

शिविर में रक्तदान करते कॉलेज कर्मी व अन्य।

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