सिटी रिपोर्टर | औरंगाबाद ग्रामीण
जिले के किसानों को उनके जमीन का उचित मुआवजा मिले, इसके लिए सदर विधायक आनंद शंकर सिंह बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोयल के नेतृत्व में 19 मई को राज्य भवन के लिए मार्च करेंगे। जहां कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात करेगा और किसानों के साथ गेल इंडिया कंपनी के द्वारा किए जा रहे अत्याचार से अवगत कराएगा। यह बातें विधायक आनंद शंकर सिंह ने गुरुवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि गेल इंडिया कंपनी जिले के किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा कर गैस पाइपलाइन का कार्य करा रही है और जब किसान इसका विरोध कर रहे हैं तो उन्हें बंधक बना लिया जा रहा है या कानूनी कार्रवाई की डर दिखा वहां से भगा दिया जा रहा है।
कहा- किसानों को बंधक बना व धमकी देकर कराया जा रहा कार्य
प्रेस वार्ता करते सदर विधायक आनंद शंकर सिंह व अन्य।
गैस पाइपलाइन कार्य को रोकने पर बनाया जा रहा दबाव | विधायक ने कहा कि गेल इंडिया कंपनी द्वारा कराए जा रहे गैस पाइपलाइन कार्य को जब मेरे हस्तक्षेप के बाद रोका गया तो कंपनी के द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय का हवाला देकर मुझ पर भी दबाव बनाया जा रहा है। वहीं विधायक ने कहा कि मेरे मोबाइल पर भी कंपनी के अधिकारी मैसेज भेज रहे हैं। जिसमें स्थानीय प्रशासन की मदद से बिना मुआवजा दिए कार्य कराने में सहयोग करने व ऐसा नहीं करने पर जबरन किसानों को कानून का भय दिखाकर एवं धमकी देकर कार्य कराने की बात कही है। इस पर विधायक ने जिला प्रशासन से कार्रवाई करने की भी बात कही है। विदित हो कि सदर प्रखंड के बेला पंचायत के मौजा कुशी गांव में किसानों के जमीन पर जबरन कार्य कराया जा रहा था। जिसका विधायक ने विरोध किया था। वहीं मकराइन गांव में भी कंपनी के कार्य में बाधा डालने पर सात से आठ किसानों को बंधक बना लिया गया था।
यूपीए ने लाया था भूमि अधिग्रहण कानून, 75 प्रतिशत किसानों की सहमति जरूरी
विधायक ने कहा कि पेट्रोलियम व मिनरल्स एक्ट 1962 अधिनियम में संशोधन करते हुए यूपीए सरकार द्वारा ही किसानों के हित में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 लाया गया था। जिसमें यह प्रावधान है कि 75 प्रतिशत किसानों की सहमति के बाद ही उनके भूमि का अधिग्रहण कार्य किया जाएगा। लेकिन गेल इंडिया कंपनी द्वारा बिना किसानों की सहमति के ही उनके जमीन पर जबरन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। वहीं विधायक ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में प्रावधान है कि किसानों की जमीन का मुआवजा बाजार भाव से चार गुणा देना है, लेकिन गेल इंडिया द्वारा पेट्रोलियम व मिनरल्स एक्ट 1962 का हवाला देकर 10 प्रतिशत का चार गुणा मुआवजा किसानों की जमीन का दिया जा रहा है। जबकि बहुत से किसानों को यह भी मुआवजा अभी तक नहीं मिला है।
कार्रवाई नहीं होने पर किया जाएगा आंदोलन
विधायक ने कहा कि अगर राज्यपाल से मुलाकत के बाद भी किसानों के हित की अनदेखी की गई और उन्हें उनके जमीन का समुचित मुआवजा नहीं मिला तो कांग्रेस पार्टी बाध्य होकर किसानों के साथ बड़ा आंदोलन या सत्याग्रह करेगी। इस मौके पर कांग्रेस के महासचिव अजय सिंह, शैलु दुबे, सदर प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप सिंह, एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता अाशुतोष कुमार सिंह सहित अन्य मौजूद थे।