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अधिक दाम पर बीज बेचने वाले दुकानदारों पर होगा एफआईआर

3 वर्ष पहले
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उत्पादन कम होने की वजह से किसानों को होती है सबसे अधिक परेशानी

टाउन हाॅल में जिलास्तरीय कर्मशाला में उपस्थित डीएम व अन्य अधिकारी।

आय बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे सात सूत्री कार्यक्रम

सरकार के द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए पूरे देश में सात सूत्री कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन सात सूत्री कार्यक्रमों में प्रति बूंद अधिक फसल प्राप्त करने के उदेश्य से पर्याप्त बजट के साथ सिंचाई पर विशेष जोर देने, प्रत्येक खेत की मिट्टी की स्वास्थ्य जांच करने, फसल पश्चात होने वाले नुकसान को रोकने के लिए भंडार गृह व कोल्ड स्टोर निर्माण में अत्यधिक निवेश करने, खाद्य प्रसंस्करण के जरिए मूल्यावर्धन को बढ़ावा देने, राष्ट्रीय कृषि मंडी का सृजन, विसंगतियों का निराकरण व बाजार के लिए ई-प्लेटफाॅर्म की स्थापना करने, उचित कीमत पर जोखिमों को कम करने के लिए नई फसल बीमा स्कीम शुरू करने एवं पशु पालन, मधुमक्खी पालन व मत्सय पालन जैसे सहायक क्रियाकलापों को बढ़ावा देने को शामिल किया गया है। इस कार्य नीति पर ही काम कर किसानों के आय को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

2022 तक आय दोगुनी करने को लेकर हो रहा कार्य | कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2022 तक सरकार के द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए काम भी किया जा रहा है। समय दर समय इसमें सुधार भी हो रहा है। जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसको लेकर काम हो रहा है। कम पानी में अधिक उत्पादकता हो इसके लिए किसान जैविक खेती करें। जैविक खेती से मिट्टी पर दुष्परिणाम भी नहीं पड़ता है। जिसके कारण फसलों की उत्पादकता बढ़ती है। विभिन्न योजनाएं चलाकर विभाग के द्वारा किसानों को अनुदान पर बीज व खाद भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। समय-समय पर मिट्टी जांच किया जा रहा है। ताकि यह जाना जा सके कि खेतों में मिट्टी में कितनी उर्वरक क्षमता है।

टाउन हाॅल में जिला स्तरीय कर्मशाला में उपस्थित किसान।

सामुदायिक खेती से छोटे किसानों को होगा फायदा, लोगों को दें इस संबंध में जानकारी

जिला स्तरीय कर्मशाला में किसानों को आधुनिक खेती करने सहित अन्य बातों की जानकारी विस्तृत रूप से दी गयी। डीएओ ने कहा कि सामुदायिक खेती से छोटे किसानों को फायदा मिलेगा। इसका सहकारिता के क्षेत्र में दूरगामी परिणाम भी दिखेगा। वर्तमान परिवेश में जमीन का आकार छोटा होता जा रहा है। अब किसानों के पास खेती लायक कम जमीन बच रही है। इस स्थिति में पारंपरिक खेती को छोड़ यदि किसान आधुनिक खेती करें तो उन्हें काफी फायदा मिलेगा। कर्मशाला का उदेश्य अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी उपलब्ध कराना है। राज्य से लेकर पंचायत स्तर तक कर्मशाला आयोजित कर किसानों को जानकारी दी जा रही है। ज्यादा से ज्यादा किसानों को विभाग के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों का लाभ मिले, यही प्राथमिकता है।

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