सिटी रिपोर्टर| औरंगाबाद ग्रामीण
शहर के दानी बिगहा स्थित किशोरी सिन्हा महिला कॉलेज में चार साल पूर्व बना छात्रावास अब तक चालू नहीं हो सका है। जिसके कारण छात्रावास का रंगरोगन भी अब फीका दिखने लगा है। यह कॉलेज जिले का एकमात्र महिला कॉलेज है, जहां जिलेभर से छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आती हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में लगभग एक करोड़ की लागत से उक्त कॉलेज में छात्राओं को रहने के लिए छात्रावास बनाया गया था। बीए तक की छात्राएं रह सकती हैं। छात्राओं को यहां रहने के लिए नि:शुल्क व्यवस्था की गई थी। कोई भी छात्रा इस छात्रावास में रहने के लिए तैयार नहीं है। प्राचार्य प्रो डॉ लालकेश्वर सिंह ने कहा कि कॉलेज में जल्द ही लाइब्रेरी साइंस व फैशन डिजाइनिंग का कोर्स शुरू होगा। वहीं बीबीएम व पीजी के कोर्स शुरू करने के लिए भी मगध विश्वविद्यालय बोधगया को मांग पत्र दिया गया है। जिस पर जल्द ही सुनवाई की जाएगी और सत्र 2018-19 में ही उक्त सभी कोर्स शुरू होने की संभावना है। सभी कोर्स शुरू हो जाने से छात्राओं को काफी सहूलियत होगी।
72 छात्राओं के रहने की है व्यवस्था, लेकिन कोई भी रहने को तैयार नहीं
किशोरी सिन्हा महिला कॉलेज में बना छात्रावास।
छात्राओं को वाई-फाई की सुविधा
महिला कॉलेज में बने छात्रावास में 72 छात्राओं की रहने की समुचित व्यवस्था की गई है। कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि छात्रावास में रहने के लिए बिस्तर, शौचालय, बिजली, पानी, खाना, सुरक्षा सहित अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। जिससे छात्राओं को यहां रहने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कम से कम 20 छात्राएं भी अगर छात्रावास में रहने के लिए तैयार होती हैं तो यह तुरंत शुरू हो जाएगा। वहीं जब छात्राएं छात्रावास में रहने लगेंगी तो उनके लिए खेलने सहित अन्य संसाधनों की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी कॉलेज में इंटर से लेकर बीए तक की लगभग चार हजार छात्राएं नामांकित हैं और कॉलेज में छात्राओं की सुविधा के लिए फ्री वाई-फाई की भी सुविधा शुरू कर दी गई है।
प्राचार्य बोले- जुलाई से शुरू होगा छात्रावास
किशोरी सिन्हा महिला कॉलेज के प्राचार्य प्रो डॉ लालकेश्वर सिंह ने बताया कि आगामी जुलाई माह से छात्रावास के शुरू होने की संभावना है। इसके लिए कॉलेज की छात्राओं को नोटिस निकालकर सूचना दी जाएगी और उन्हें छात्रावास में रहने के लिए जागरूक भी किया जाएगा। जिससे दूर-दूर से प्रतिदिन कॉलेज आने-जाने में छात्राओं को परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी कॉलेज की छात्राओं को छात्रावास में रहने के लिए बोला गया था लेकिन एक-दो को छात्राओं को छोड़कर किसी ने यहां रहने की सहमति नहीं जताई। इसलिए इस वर्ष छात्र संगठन के नेताओं से भी छात्राओं को जागरूक करने के लिए कहा गया है। जागरूकता के अभाव के कारण ही कोई भी लड़की छात्रावास में रहने को तैयार नहीं है।
छात्राओं को किया जा रहा जागरूक
महिला कॉलेज की छात्र संघ अध्यक्ष प्रेरणा सुमन ने बताया कि छात्रावास में रहने के लिए छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए छात्र संघ के सभी प्रतिनिधि छात्राओं के अलावा उनके अभिभावकों को भी बारी-बारी से जागरूक कर रही हैं। जिससे जिला मुख्यालय के अलावा प्रखंडों से कॉलेज में आने वाली छात्राओं को परेशानी ना हो और वे छात्रावास में रहकर आसानी से सुविधापूर्वक पढ़ाई कर सके।