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गुजरात: बैंक फ्रॉड केस में नाकोडा ग्रुप की पौने चार सौ करोड़ की संपत्ति जब्त

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज नेटवर्क | सूरत

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक बड़ी कार्रवाई में शुक्रवार को नाकोडा ग्रुप ऑफ कंपनीज फ्रॉड केस में पौने चार सौ करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई। करीब साल भर पहले नाकोडा ग्रुप पर कैनरा बैंक समेत कई अन्य बैंकों से 2107 करोड़ रुपए की लोन गड़बड़ी का मामला सीबीआई ने जांच में पकड़ा था। मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, इनमें से तीन लोग अभी जेल में हैं, जबकि एक अभी जमानत पर है। ईडी के अधिकारियों ने शुक्रवार को सूरत जिले के मांडवी और मांगरोल तहसील में नाकोडा ग्रुप की संपत्तियां जब्त की। इसमें कंपनी की प्लांट की मशीनरी, बिल्डिंग, 63612 वर्ग मीटर जमीन, 20 टैक्सचराइजिंग मशीन आदि शामिल थीं। इन सभी की कीमत करीब पौने चार सौ करोड़ रुपए आंकी गई है।

यह था मामला
सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से रजिस्टर्ड इस केस में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसमें नाकोडा ग्रुप के एमडी बाबूलाल जैन, देवेन्द्र जैन, पुनित रूंगटा और जगदीश सोमानी का नाम शामिल था। इन सभी ने आपसी मिलीभगत से गलत बिक्री और खरीद का ब्योरा पेश कर कैनरा बैंक समेत 13 दूसरी बैंकों से 816 क्रेडिट ऑफ लेटर हासिल किए थे। इसके जरिए 2107 करोड़ रुपए हासिल किए गए। बैंकों से रुपए लेकर नाकोडा ग्रुप ने इसे सर्कुलेट किया। जिस मकसद के लिए बैंकों से रुपए हासिल किए गए, इसके बजाए रुपए टर्म लोन, ब्याज, बैंकिंग चार्ज, वर्किंग कैपिटल और दैनिक खर्च में इस्तेमाल किए गए।

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