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मां पढ़ी लिखी होगी तो बेटी भी जरूर पढ़ेगी शिक्षित बेटी दो घरों में फैलाएगी उजाला

3 वर्ष पहले
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हेलक स्थित सेवर रोड धोरे हनुमान मंदिर पर चल रही भागवत कथा आयोजन के पांचवें दिन सोमवार को कथा वाचक केशव देव शास्त्री द्वारा अंगुली पर गिरिराज धारण प्रसंग का वर्णन किया। इस दौरान गिर्राज जी का पूजन कर भोग लगाया गया। उन्होंने कहा, कि श्रीकृष्ण ने गोपियों संग रास रचाया। दरअसल, गोपियां स्त्री नहीं, वेदों की रचनाएं हैं। स्त्री का पतिव्रता धर्म अग्नि से भी ज्यादा पवित्र होता है। कथा में कहा मनुष्य को बेटा और बेटी में फर्क नहीं समझना चाहिए। मां अगर शिक्षित होती है तो बेटी जरूर शिक्षित होगी। बेटी को जरूर पढ़ाएं बेटी दो घरों के कुलो को रोशन करती है। मंदिर महंत रघुवीर दास ने कथा की आरती कर प्रसादी वितरित की।

नवकुंडीय गोपाल महायज्ञ का शुभारंभ

बयाना। गांव थानाडांग के निकट बीहड़ाें में स्थित प्राकृतिक तीर्थ स्थल श्रीग्वालखोह धाम में आयोजित 7 दिवसीय नवकुंडीय गोपाल महायज्ञ का शुभारंभ विशेष पूजा अर्चना व कलश यात्रा के साथ बाबा नरोत्तमदास त्यागी के सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर यज्ञ यजमान व यज्ञ सेवक के रूप में मुकेश सिंघल, सतीश मित्तल, गिरधारी सिंघल, बच्चूसिंह, रामचरन, विष्णु शर्मा, सुभाषचंद आदि भी मौजूद रहे। यह आयोजन कांमरघार के सभी गांवों के ग्रामीणों व कस्बे के श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से किया जा रहा है। जिसका समापन आगामी 26 मई को पूर्ण आहुति आदि कार्यक्रमों के साथ होगा। अखंड भंडारा 27 मई को होगा। नवकुंडीय महायज्ञ समारोह में रोजाना प्रातः 8 बजे से हवन यज्ञ व प्रातः 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक महारास आदि कार्यक्रम होंगे। महायज्ञ के लिए शास्त्रानुसार विशेष प्रकार की नवकुंडीय यज्ञशाला का निर्माण किया गया है।

बाबूला. हेलक में धोरे मंदिर पर कथा सुनती महिलाएं।

सर्वसमाज ने निकाली कलश यात्रा

रूपवास। सत्संग से ही ज्ञान मिलता हैं। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन मेंं एक सच्चा गुरू बना कर उसकी पूजा करनी चाहिए। यह बात गांव घाटा में सर्वसमाज की ओर से आयोजित कलश यात्रा के साथ शुरू हुई। भागवत कथा में भागवताचार्य भोलाराम शास्त्री ने कही। कथा को सुनने के लिए ग्रामीण महिला एवं पुरूषों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद शास्त्री ने राम नाम की महिमा का वर्णन कहते हुए जीवों पर दया करने की बात कही। वही मथुरा से आए कलाकारों ने राम व कृष्ण के भजन सुना कर पांडाल में रस की बहार बहा कर सभी भक्तों को अपनी ओर आकर्षित किया। इस मौके पर खजान सिंह, अमरसिंह बंशीवाल, रामसिंह, विवेकी, फूलवती, राजेश कुमारी, सुनेरा आदि मौजूद थे।

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