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इनकम टैक्स विभाग का कारनामा

3 वर्ष पहले
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इनकम टैक्स विभाग ने एक ही पैन नंबर रेवाड़ी और रोहतक के नरेंद्र सिंह नाम के दो व्यक्तियों को जारी कर दिया। विभाग की 10 साल पुरानी यह गलती अब भारी पड़ रही है। रोहतक के नरेंद्र ने क्रेडिट कार्ड लिया, मगर इसका भुगतान नहीं किया तो नोटिस रेवाड़ी के नरेंद्र को भेजा जा रहा है। यहां तक बैंक ने भी चेतावनी देकर रेवाड़ी के नरेंद्र का खाता सीज कर दिया। परेशानी की हद ये है कि एक नरेंद्र की आमदनी ज्यादा होने के चलते इनकम टैक्स विभाग ने नोटिस दूसरे नरेंद्र को जारी कर दिया कि वह आय कम दर्शा रहा है। विभाग के स्थानीय अधिकारी कहते हैं कि पैन कार्ड बनाने का काम एजेंसी को दिया है, इसलिए पुणे से ही गलती सुधर सकती है। वहीं, नरेंद्र मुख्यालय को कई बार पत्र लिख चुका है और कोई हल नहीं निकला।

रेवाड़ी के गोकुलपुर निवासी नरेंद्र सिंह राजस्थान के अलवर स्थित एक कंपनी में बतौर असिस्टेंट मैनेजर कार्यरत हैं। नरेंद्र सिंह ने साल 2006 में पैन कार्ड बनवाया था। नरेंद्र का कहना है कि वे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल भी नियमित कर रहे हैं। वर्ष 2008 में विभाग ने चूक करते हुए वही पैन नंबर रोहतक के नरेंद्र सिंह काे जारी कर दिया, लेकिन इसकी जानकारी नहीं लग पाई। रेवाड़ी निवासी नरेंद्र सिंह के अनुसार उसने एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया हुआ था। फरवरी 2013 में बैंक ने अचानक खाता सीज कर दिया। इसके लिए क्रेडिट कार्ड की राशि का भुगतान नहीं करना वजह बताई गई।

हैरानी की बात ये रही कि नरेंद्र ने कभी भी क्रेडिट कार्ड लिया ही नहीं था। नरेंद्र ने इसकी शिकायत बैंक उच्च प्रबंधन को भेजी। जांच हुई तो रेवाड़ी के नरेंद्र सिंह के नाम क्रेडिट कार्ड ही नहीं मिला। इसके बाद आरबीअाई बैंकिंग एंबुसमेंट में केस डाला। आरबीआई ने जांच रिपोर्ट के आधार पर खाता दोबारा चालू करने के आदेश दिए। अब 9 मार्च को उनके पास इनकम टैक्स विभाग बैंगलुरू से नोटिस पहुंचा। इसमें हिदायत दी गई कि इनकम आईटीआर से मेल नहीं खा रही है। तमाम तरह की परेशानी झेलने के बाद पता लगा कि यह सब रोहतक के नरेंद्र सिंह के पैन नंबर वही होने के चलते हो रहा है।

दो लोग-पैन नंबर-1; क्रेडिट कार्ड लिया एक ने दूसरे को नोटिस, खाता भी सीज

साल 2006 में रेवाड़ी के नरेंद्र और 2008 में रोहतक के नरेंद्र को वही पैन नंबर जारी

दाेनों के नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि एक जैसे होने से जारी हुआ गलत पैन नंबर

आधार-यूजर आईडी रेवाड़ी की, फार्म रोहतक का

यह पूरा मामला उलझा हुआ है। इस पैन नंबर से रेवाड़ी के नरेंद्र सिंह का आधार और मोबाइल नंबर लिंक है। यूजर आईडी भी इसी की बनी हुई है, मगर इनकम टैक्स फार्म 26एएस में एड्रेस रोहतक के नरेंद्र का अपडेट है। टीडीएस दोनों का एक ही एक पैनकार्ड से कट रहा है। नरेंद्र का कहना है कि रोहतक के व्यक्ति को यह कार्ड सरेंडर करना चाहिए।

अजय भाटिया | रेवाड़ी

इनकम टैक्स विभाग ने एक ही पैन नंबर रेवाड़ी और रोहतक के नरेंद्र सिंह नाम के दो व्यक्तियों को जारी कर दिया। विभाग की 10 साल पुरानी यह गलती अब भारी पड़ रही है। रोहतक के नरेंद्र ने क्रेडिट कार्ड लिया, मगर इसका भुगतान नहीं किया तो नोटिस रेवाड़ी के नरेंद्र को भेजा जा रहा है। यहां तक बैंक ने भी चेतावनी देकर रेवाड़ी के नरेंद्र का खाता सीज कर दिया। परेशानी की हद ये है कि एक नरेंद्र की आमदनी ज्यादा होने के चलते इनकम टैक्स विभाग ने नोटिस दूसरे नरेंद्र को जारी कर दिया कि वह आय कम दर्शा रहा है। विभाग के स्थानीय अधिकारी कहते हैं कि पैन कार्ड बनाने का काम एजेंसी को दिया है, इसलिए पुणे से ही गलती सुधर सकती है। वहीं, नरेंद्र मुख्यालय को कई बार पत्र लिख चुका है और कोई हल नहीं निकला।

रेवाड़ी के गोकुलपुर निवासी नरेंद्र सिंह राजस्थान के अलवर स्थित एक कंपनी में बतौर असिस्टेंट मैनेजर कार्यरत हैं। नरेंद्र सिंह ने साल 2006 में पैन कार्ड बनवाया था। नरेंद्र का कहना है कि वे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल भी नियमित कर रहे हैं। वर्ष 2008 में विभाग ने चूक करते हुए वही पैन नंबर रोहतक के नरेंद्र सिंह काे जारी कर दिया, लेकिन इसकी जानकारी नहीं लग पाई। रेवाड़ी निवासी नरेंद्र सिंह के अनुसार उसने एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया हुआ था। फरवरी 2013 में बैंक ने अचानक खाता सीज कर दिया। इसके लिए क्रेडिट कार्ड की राशि का भुगतान नहीं करना वजह बताई गई।

हैरानी की बात ये रही कि नरेंद्र ने कभी भी क्रेडिट कार्ड लिया ही नहीं था। नरेंद्र ने इसकी शिकायत बैंक उच्च प्रबंधन को भेजी। जांच हुई तो रेवाड़ी के नरेंद्र सिंह के नाम क्रेडिट कार्ड ही नहीं मिला। इसके बाद आरबीअाई बैंकिंग एंबुसमेंट में केस डाला। आरबीआई ने जांच रिपोर्ट के आधार पर खाता दोबारा चालू करने के आदेश दिए। अब 9 मार्च को उनके पास इनकम टैक्स विभाग बैंगलुरू से नोटिस पहुंचा। इसमें हिदायत दी गई कि इनकम आईटीआर से मेल नहीं खा रही है। तमाम तरह की परेशानी झेलने के बाद पता लगा कि यह सब रोहतक के नरेंद्र सिंह के पैन नंबर वही होने के चलते हो रहा है।

समान जानकारी से चूक

नरेंद्र के अनुसार जब दूसरे व्यक्ति के आवेदन पर विभाग कर्मी कार्ड बनाने के लिए डाटा डालते हैं तो नाम, पिता और जन्म तिथि एक जैसी होने से पहले बने कार्ड का विवरण कंप्यूटर पर आ जाता है। इससे कर्मी ये समझने की भूल कर जाते हैं कि पता अपडेट कराने के लिए आवेदन किया है। इसी चूक से नए एड्रेस पर भी वही पैन नंबर जारी हो गए। पहले भी ऐसे कुछ केस आए हैं। बाढड़ा आैर बहादुरगढ़ के दो लोगों काे भी इसी तरह एक पैन नंबर जारी हुआ था।

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