बाल श्रम मुक्त और बाल संरक्षण युक्त बनाने जोर
पंचायत समिति सभागार में बुधवार को प्रय| संस्था द्वारा केके एस के सहयोग से संचालित अंधेरे से उजाले की ओर के तहत ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति सदस्यों का किशोर न्याय एवं समेकित बाल संरक्षण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें राज्य स्तरीय बाल अधिकार प्रशिक्षण एवं परियोजना अधिकारी राम खिलाड़ी ने बताया कि ऐसे बच्चे जिन्हें देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता है, उन बच्चों के लिए ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। धौलपुर जिले को बाल श्रम आयुक्त एवं बाल संरक्षण युक्त बनाने के लिए जिला, ब्लॉक एवं पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति को सक्रिय भूमिका निभा कर नियमित रूप से अधिकारों पर कार्य करने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र हो, प्रत्येक बच्चे की आंगनवाड़ी एवं विद्यालय शिक्षा तक पहुंच हो एवं ढांचागत सुविधाओं के साथ साथ बाल मैत्री वातावरण हो। इसके लिए प्रत्येक पंचायत में बाल संरक्षण समिति को सक्रिय करना होगा। प्रय| संस्था पैरवीकार राकेश तिवारी ने बाल संरक्षण समिति सदस्यों को धौलपुर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बाल संरक्षण समिति सदस्यों का बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण के मुद्दे पर प्रशिक्षण हो चुका है। जिसके तहत समिति सदस्यों को बच्चों के बेहतर भविष्य एवं शिक्षा के लिए काम करने की जरूरत है। पोस्को एक्ट में बदलाव के तहत 12 वर्ष से कम उम्र की बालिका के साथ यौन अपराध करने वालों को मौत की सजा का प्रावधान किया गया है। धौलपुर जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष विजेंद्र सिंह परमार ने बताया कि बच्चों के अच्छे संस्कार एवं पालन पोषण के लिए जिले में बाल सुरक्षित माहौल बनेगा। जो परिवार अपने बच्चों के साथ कड़ा रुख या डांट-फटकार करते हैं ऐसे बच्चे अपने जीवन में आगे बढ़ने से वंचित रह जाते हैं। यह बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर देता है। सामाजिक कुरीतियों एवं रुढ़िवादी परंपराओं के चलते बच्चों से बाल श्रम करवाया जाता है। जिससे बालक व बालिका दोनों की शिक्षा अधूरी रह जाती है। साथ ही बालश्रम करने से विभिन्न शारीरिक बीमारियां हो जाती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत को बाल श्रम मुक्त एवं बाल संरक्षण युक्त बनाने के लिए हर माह बैठकों का आयोजन सुनिश्चित होना चाहिए। बैठकों में बाल मुद्दों पर चर्चा करके कार्य योजना का निर्माण करके बच्चों का संरक्षण संभव है। बाड़ी सहायक परियोजना अधिकारी रामेश्वर चौधरी ने बताया कि हमारे देश में सबसे ज्यादा बाल श्रमिक पाए जाते हैं।
प्रथम संस्था की ओर से बसेड़ी पंचायत समिति सभागार में बाल श्रम को लेकर हुई बैठक
बसेड़ी. बालश्रम व बाल सरंक्षण बैठक को लेकर मौजूद मंचासीन अतिथिगण।