आंगों गांव में पिछले कई वर्षों से मनाया जा रहा मंडा पूजा इस वर्ष भी धूमधाम से मनाया गया। पूजा कार्यक्रम में अतिथि समाजसेवी कोलेश्वर गंझू एवं अंगों मुखिया सीता मरांडी थे। यह पर्व अच्छी बारिश, खेती- बारी और समृद्धि के लिए मनाया जाता है।
इस पर्व के दौरान भक्त उपवास करने के बाद दहकते अंगारों पर चलने और ऊंचाई पर पीठ पर लगे हुक के सहारे झूला झूलते हैं। भक्त आराध्य भगवान भोले शंकर की पूजा अर्चना करते हैं। इस दौरान श्रद्धा और भक्ति का ऐसा अद्भुत नजारा दिखता है। उनका उद्देश्य भगवान भोले शंकर से मन्नत मांगना होता है। इस दौरान सभी अच्छी बारिश की कामना करते हैं ताकि घर में सुख शांति बनी रहे और परिवार में खुशियां आएं। मंडा पूजा काफी प्राचीन है। सभी भक्तों से माता का आशीर्वाद मांगते हैं। मंडा पूजा में छऊ नृत्य का भी एक अलग पहचान है। बंगाल के पश्चिमी सिंहभूम से आए छऊ नृत्य के कलाकारों ने मेले का शोभा बढ़ाया। मेला देखने असवा, पोटंगा, गुडक़ुवा, उरेज, पचंडा, लोहरसा, झीकझोर, फटेरियापानी, चेलंगदाग, बरतुआ सहित दर्जनों गांव के भक्त हजारों की संख्या में पहुंचे थे। मंडप पूजा को सफल करने में पूजा अध्यक्ष नरेश कुमार, सचिव सोनू मुंडा एवं कोषाध्यक्ष भीखू महतो के साथ साथ शिबू महतो, बलदेव मुंडा, देवनाथ महतो, हीरामन महतो, गिरधारी महतो, महादेव हांसदा, फुलेश्वर प्रसाद, सोहन महतो, रामप्रकाश, दीपक कुमार और पहन बाली मुंडा आदि का अहम योगदान रहा।
आंगों का पारंपरिक लोकप्रिय मंडा पूजा संपन्न, भक्त आराध्य भगवान भोले शंकर की पूजा अर्चना करते हैं
मंडा पूजा में शामिल श्रद्धालु।