पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • बुजुर्ग की कुल्हाड़ी मारकर हत्या, दो साल पहले हुई हत्या के बदले मारने का शक

बुजुर्ग की कुल्हाड़ी मारकर हत्या, दो साल पहले हुई हत्या के बदले मारने का शक

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बदनावर के समीप ग्राम भरतगढ़ में हत्याकांड

भास्कर संवाददाता | बदनावर

ग्राम भरतगढ़ में सोमवार को 70 साल के बुजुर्ग की पत्थर व कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। मृतक का नाम शंकर पिता नानूराम है। मारने वालों के नाम सामने नहीं आए हैं लेकिन आशंका है कि 2 साल पहले हुई एक हत्या का बदला लेने के लिए यह घटना हुई है।

सोमवार रात में पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में शंकर का मर्डर हो गया है। सूचना पर टीआई सुनील गुप्ता व अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तथा शव को अस्पताल पहुंचाया। शव के साथ मृतक का पुत्र दिलीप व अन्य रिश्तेदार आए। शव का मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम किया गया। धार से आई एफएसएल अधिकारी पिंकी मेहरडे ने भी शव परीक्षण एवं मौका मुआयना कर आवश्यक जांच पड़ताल की तथा मिट्टी व खून आदि के नमूने लिए। मृतक के पुत्र दिलीप ने बताया कि गांव में उसके पिता कोटेश्वर से स्नान कर दोपहर में घर लौटे थे और भेरू जुझार के ओटले पर बैठे थे तभी आरोपियों ने लाठी, कुल्हाड़ी व पत्थरों से अचानक हमला कर दिया। वे बचाव के लिए दौड़ लेकिन आरोपियों ने पीछाकर उन्हें घेरकर मार डाला। उनका शव चार-पांच घंटे तक मौके पर पड़ा रहा। किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी।

शंकर के पुत्र ने की थी हत्या

शंकर (मृतक) के एक अन्य पुत्र परमेश ने अपने दो साथियों शोभाराम भील निवासी भीलखेड़ी व जितेंद्र भील प्रीतमनगर के साथ मिलकर मृतक पिता शंकर के सहयोग से अपने दूसरे भाई छगनलाल की गत 23 मई 2016 की रात में तलवार मारकर जघन्य हत्या कर दी थी। तब से ही मृतक शंकर व तीनों अन्य आरोपी जेल में बंद थे। कुछ दिन पूर्व ही उनकी जमानत हुई थी। तब से ही मारे गए छगनलाल के लड़के व अन्य घरवाले बदला लेने की ताक में थे। आशंका है कि इस वारदात में उनका भी हाथ हो सकता है। पुलिस ने अभी मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद देर शाम तक प्रकरण दर्ज होने की संभावना है हत्याकांड में जिन लोगों के शामिल होने की शंका है। वे फरार बताए गए है।

शंकर कर्ज चुकाने के लिए बेचना चाहता था जमीन

मृतक शंकर कर्ज चुकाने के लिए अपने हिस्से की 10 बीघा जमीन बेचना चाहता था। जिसे मृतक पुत्र छगनलाल ने बेचने से मना किया था। इस बात को लेकर ही पहले छगनलाल की हत्या हुई थी। इसी के बदले में अब छगनलाल के परिवार वालों द्वारा शंकर को मौत के घाट उतार देने की शंका है। जब से छगनलाल की हत्या हुई तब से गांव वाले इस परिवार से कोई संबंध नहीं रख रहे थे न ही कोई सहयोग करते थे। इसी कारण सोमवार को जब शंकर को सरेआम मारा गया तो भी कोई गांव वाला बचाव के लिए सामने नहीं आया और शव चार-पांच घंटे तक मौके पर ही पड़ा रहा। शाम को जैसे तैसे मृतक की लड़की जो ग्राम गढीखेड़ी में रह रही है उसे इस बारे मे पता चला तब डायल 100 एवं पुलिस को सूचना दी गई। हत्या के आरोप में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद शंकर अपनी लड़की के पास ही रह रहा था। वह सोमवार को ही भरतगढ़ पहुंचा था।

खबरें और भी हैं...