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नहीं हुआ कलेक्टर निर्देश का पालन और न ही पदमुक्त हुए प्रभारी अपात्र शिक्षक

3 वर्ष पहले
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जन शिक्षक के पद पर प्रभारी के रूप में काम करने वाले अपात्र शिक्षकों का अटैचमेंट समाप्त कर मूल संस्था में भेजने के कलेक्टर के आदेश की अनदेखी शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही है। विभाग द्वारा कागजी कार्रवाई में आदेश को उलझा कर अपात्र शिक्षकों से काम कराया जा रहा है। जबकि बीईओ ने भी अपात्र कर्मचारियों को मुक्त कर मूल संस्था में भेजने के आदेश जारी किए थे।

हाल ही में स्थानांतरित कलेक्टर श्रीमन शुक्ल द्वारा 31 मार्च को समस्त विकासखंड अधिकारी एवं जिला शिक्षाधिकारी को अटैचमेंट निरस्त कर मूल संस्था हेतु कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही कहीं भी संलग्नीकरण एवं स्थानांनतरण संबंधी स्थिति पाई जाने पर कार्रवाई की जाने की बात भी आदेश में कही गई थी। लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। इस संबंध में दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद अपात्र शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त करने की बात कही गई थी लेकिन इन शिक्षकों को कार्य मुक्त नहीं किया गया। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा डीइओ के माध्यम से बीआरसी को जनशिक्षक की नियुक्ति में निर्धारित आर्हताएं नहीं रखने वाले अपात्र 11 जनशिक्षकों जिनमें सहायक अध्यापक व सहायक शिक्षकों को जनशिक्षक का काम करने से मुक्त करने का अंदेशा जारी किया गया था। किंतु बीआरसी द्वारा आदेश का पालन नहीं किया गया। इनमें अपात्र जनशिक्षक खाचरौदा ललित मारु, खेड़ा गिरधारीलाल वर्मा व सोहनसिंह पंवार, बदनावर नवीन शर्मा व मुकेश पुरोहित, कानवन प्रदीप मारु, कडोदकला नरेंद्र चौहान, तिलगारा प्रहलाद चौधरी, भेसोला लोेंकेंद्र शर्मा व जगदीश उपाध्याय, नागदा वासुदेव सोलंकी शामिल हैं। इनका मूूल पद सहायक अध्यापक व सहायक शिक्षक है। ये अभी भी प्रभारी जनशिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं।

मैं पता करता हूं

इस संबंध में बीईओ विक्रमसिंह राठौर का कहना है कि जिले से प्राप्त निर्देशानुसार बीआरसी को जारी पत्र में सहायक अध्यापक व सहायक शिक्षक को कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया गया है। कार्यमुक्त नहीं करने संबंधी मामले का मैं पता करता हूं।

बीआरसी से जानकारी मांगी गई है

इस संबंध में डीपीसी अनिल वर्मा का कहना है कि सहायक शिक्षक व सहायक अध्यापकों की जनशिक्षकों के रूप में नियुक्ति जिला या स्थानीय स्तर पर मेरे पदस्थ होने से पूर्व की गई थी। इसकी फाइल की खोजबीन जारी है। जनशिक्षक के पदों पर नियुक्ति की बीआरसी से जानकारी मांगी गई है। मार्गदर्शन लेने संबंधी कोई पत्र नहीं मिला है।

नियुक्तियां होने तक कार्य करने लिए लिखा पत्र

इस संबंध में बीआरसी डीएन गुजराती का कहना है कि अतिरिक्त अस्थाई प्रभार वाले बीएसी व जनशिक्षक को कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इस संबंध में डीपीसी को पत्र लिखकर नवीन नियुक्तियां होने तक कार्य करने हेतु आदेशित करने के लिए पत्राचार किया गया है।

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