- Hindi News
- National
- कार्यकाल के तीन साल पूरे होने पर भी नप के पास वित्तीय लेनदेन की जानकारी नहीं
कार्यकाल के तीन साल पूरे होने पर भी नप के पास वित्तीय लेनदेन की जानकारी नहीं
नगर परिषद में हो रहे भ्रष्टाचार व उदासीन रवैए के खिलाफ मंगलवार को भाजपा नगर मंडल ने बाइक रैली निकालकर आक्रोश जताया। तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार महेंद्रसिंह चौहान को दिया। जिसमें बताया परिषद कार्यकाल के तीन साल पूरे हो चुके है। किंतु अभी तक किसी भी वित्तीय लेन-देन की जानकारी परिषद के पास मौजूद नहीं है। 12 बिंदुओं पर जांच कर कार्रवाई की मांग की। प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं मिलने व तीसरी किस्त के लिए शासन को समय पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर राशि जमा नहीं होने की बात कहीं। भ्रष्टाचार व आर्थिक अनियमितताओं को लेकर 17 मई को नप कार्यालय के बाहर धरना देकर आमरण अनशन करने की चेतावनी दी।
ज्ञापन में पेयजल के लिए क्रय की गई एलम, ब्लिचिंग व दवाई खरीदी के साथ विद्युत सामग्री, डिवाइडर खरीदी, हैंडपंप सामग्री, मोटर व इलेक्ट्रिक सामग्री खरीदी, मुरम टेंडर, स्वच्छता उपकरण, ट्रैक्टर ट्राॅली, कचरा वाहन खरीदी आदि के मामले में जांच की मांग की। बलवंती नदी के सौंदर्यीकरण में खर्च की गई राशि के भुगतान व परिषद के नए भवन के लिए भूमि चयन की भी जांच कराने की मांग की। ज्ञापन की प्रति लोकायुक्त, आयुक्त नगरीय प्रशासन, कलेक्टर को भी भेजी।
रैली में वरिष्ठ नेता रमेशचंद्र यादव, प्रेमचंद परमार, राजेंद्र सराफ, धर्मेंद्र शर्मा, मितेश शर्मा, पंकज ठाकुर, जितेंद्र शर्मा, विनय ठाकुर, जय सूर्या आदि ने परिषद की नाकामियों के बारे में बताया। रैली में शिवरामसिंह रघुवंशी, अशोक पटेल, पवन चावला, जितेंद्र मोदी, विनोद हारोड़, नवीन चौहान, संतोष चौहान, चेतन यादव आदि कार्यकर्ता मौजूद थे। नगर अध्यक्ष प्रजेंद्र भट्ट ने ज्ञापन के बारे में बताया। नजमुदीन बोहरा ने वाचन किया। प्रीतेशसिंह पंवार ने संचालन व राकेश राठौड़ ने आभार माना।
नप अध्यक्ष ने कटाक्ष कर कहा- व्यक्ति विशेष के लिए आवास मंजूर का बनाया था दबाव
मुद्देे को लेकर नप अध्यक्ष अभिषेक मोदी ने भाजपा को चुनौती देते हुए बताया आवासीय योजना में पात्र 449 हितग्राहियों को 2 किस्त का भुगतान हो चुका हैं। भाजपा नेताओं ने व्यक्ति विशेष के लिए आवास मंजूर करने का दबाव बनाया था। ऐसा नहीं करने पर झूठी शिकायतें की। खरीदी कार्य आॅनलाइन टेंडर प्रक्रिया अपनाकर परिषद की बैठक में ठहराव प्रस्ताव लेकर होते है। चुनाव घोषणापत्र अनुसार यातायात व्यवस्था के लिए अस्थायी डिवाइडर लगाए और आवश्यक सामग्री जनहित व सुविधा के लिए खरीदी। कांग्रेस व भाजपा पार्षदों की मांग पर टैंडर प्रक्रिया से ही मुरम खरीदी। कार्य की अधिकता बढ़ने पर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी नियुक्त किए। विशेष निधि से गरीब वर्ग की अयोध्या बस्ती में सीसी रोड व नाला बनाया। तीन साल के कार्यों की जांच किसी भी एजेंसी से कराई जा सकती है। यह पहली परिषद है जिसमें टैंडर सरकारी रेट से कम में मंजूर हुए है, जबकि भाजपा की पिछली परिषदों में काफी अधिक रेट पर टेंडर हुए। भाजपा की परिषदों व वर्तमान कांग्रेस की परिषद के तमाम कार्यों की तुलना कर जांच की जाए। इससे वस्तुस्थिति सामने आ सकती है। बलवंती नदी के सौंदर्यीकरण के लिए तीन साल में परिषद ने एक रु. भी खर्च नहीं किया। जबकि भाजपा की परिषदों ने इसके नाम पर लाखों रु. के बिल लगाकर भुगतान किया था। नप का जिस भूमि पर नया भवन बनाया जाना है, उस पर पूर्व परिषदों ने दुकानें, वाचनालय भवन, महिला स्नानागार आदि बनाए थे। लक्ष्मी गोशाला ट्रस्ट से लिखित समझौता होने के बाद अब वहां नया भवन बनाया जाएगा। मोदी ने भाजपा नेताओं द्वारा रैली में उन्हें चोर बताकर नारेबाजी करने पर मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी भी दी हैं।
भाजपा ने नप के खिलाफ नायाब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।