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18 साल पहले दोस्त की हत्या कर गुजरात भागा आरोपी भतीजे की शादी में आया और पकड़ा गया
दोस्त की हत्या कर गुजरात भागा आरोपी 18 साल बाद बुधवार को अपने गांव ओझियाणा पहुंचा। वह भतीजे की शादी में शामिल होने आया था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
हत्या का एक आरोपी गजेंद्र पहले ही गिरफ्तार हो चुका था। गजेंद्र की प|ी के साथ बाबू सिंह केे छेड़छाड़ करने पर गजेंद्र ने कानसिंह के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने बाबू को शराब पीने के बहाने बुलाया और चाकू से हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया था। यह साथ में काम करते थे इस कारण तीनों में अच्छी पहचान थी। थानाधिकारी नंदू सिंह ने बताया कि कान सिंह पुत्र लोभ सिंह उर्फ मीठूसिंह रावत निवासी ओझियाणा व गजेंद्र सिंह रावत निवासी मोगर दोनों साथ गुजरात में काम करते थे। शीतला का चौड़ा निवासी बाबू सिंह रावत ने गजेंद्र सिंह की प|ी का हाथ पकड़ लिया था। शक होने पर गजेंद्र व कान सिंह ने बाबू सिंह की हत्या की साजिश रची।
5 जून 2000 को कान सिंह व गजेंद्र ने किसी बहाने से बाबू सिंह को जयसिंहपुरा गांव में बुलाया। यहां तीनों ने एक कुएं पर शराब पी। इसके बाद कानसिंह व गजेंद्र ने बाबू पर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। शव को कुएं में फेंक दिया। कानसिंह गुजरात भाग गया, जबकि गजेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। कानसिंह की पुलिस 18 साल से तलाश कर रही थी।
मजदूरी कर रहा था आरोपी, गिरफ्तारी से बचने को जगह बदल देता
थानाधिकारी नंदू सिंह ने बताया कि कानसिंह ने शादी नहीं की थी। इस कारण वह हत्या करने के बाद गुजरात भाग गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह हर दो साल में जगह बदल देता था। कच्छ व भुज में उसने कुआं खुदाई का काम किया। भावनगर के पास बाबूभाई पटेल के यहां मजदूरी की। फरार होने के बाद 18 साल से वह कभी इस क्षेत्र में नहीं आया। कानसिंह के तीन भाई हैं। सबसे छोटे भाई के लड़के की शादी होने से वह गांव आया था। जिसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी के शादी में आने की सूचना पर रात में ही गांव पहुंच गई पुलिस
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन पहले दीवान श्रवण विश्नोई व कांस्टेबल राजेंद्र कुमार ओझियाना पहुंचे। लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी कान सिंह दो भाइयों से मोबाइल पर बातचीत करता है। वहीं 18 अप्रैल को उसके छोटे भाई के बेटे की शादी है। इस कारण कानसिंह शादी में शामिल होने आ सकता है। पुलिस ने मंगलवार रात से ओझियाणा गांव डेरा जमा लिया। बुधवार सुबह जब कानसिंह गांव पहुंचा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
भास्कर संवाददाता| बदनौर
दोस्त की हत्या कर गुजरात भागा आरोपी 18 साल बाद बुधवार को अपने गांव ओझियाणा पहुंचा। वह भतीजे की शादी में शामिल होने आया था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
हत्या का एक आरोपी गजेंद्र पहले ही गिरफ्तार हो चुका था। गजेंद्र की प|ी के साथ बाबू सिंह केे छेड़छाड़ करने पर गजेंद्र ने कानसिंह के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने बाबू को शराब पीने के बहाने बुलाया और चाकू से हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया था। यह साथ में काम करते थे इस कारण तीनों में अच्छी पहचान थी। थानाधिकारी नंदू सिंह ने बताया कि कान सिंह पुत्र लोभ सिंह उर्फ मीठूसिंह रावत निवासी ओझियाणा व गजेंद्र सिंह रावत निवासी मोगर दोनों साथ गुजरात में काम करते थे। शीतला का चौड़ा निवासी बाबू सिंह रावत ने गजेंद्र सिंह की प|ी का हाथ पकड़ लिया था। शक होने पर गजेंद्र व कान सिंह ने बाबू सिंह की हत्या की साजिश रची।
5 जून 2000 को कान सिंह व गजेंद्र ने किसी बहाने से बाबू सिंह को जयसिंहपुरा गांव में बुलाया। यहां तीनों ने एक कुएं पर शराब पी। इसके बाद कानसिंह व गजेंद्र ने बाबू पर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। शव को कुएं में फेंक दिया। कानसिंह गुजरात भाग गया, जबकि गजेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। कानसिंह की पुलिस 18 साल से तलाश कर रही थी।
आरोपी के पास नहीं मिली आईडी, सरपंच ने पहचान की तब हुई गिरफ्तारी
थानाधिकारी नंदू सिंह ने बताया कि आरोपी 18 साल से फरार था। इस कारण पुलिस उसे पहचान नहीं पाई। जब कानसिंह से आईडी प्रूफ मांगा तो उसके पास आधार कार्ड या अन्य कोई दस्तावेज नहीं मिले। इससे उसकी पहचान नहीं हो पाई। गांव के सरपंच ने आरोपी की पहचान की। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी कानसिंह हत्या के बाद फरार हुआ इसके बाद कभी गांव में नहीं आया।