मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगे कर्मचारी, नहीं हुई जनसुनवाई
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान द्वारा आम लोगों और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिये उद्देश्य से शुरू की गई जनसुनवाई योजना मजाक बनकर रह गई है। नगर में प्रति मंगलवार को जनसुनवाई में लोग शिकायतें लेकर पहुंचते हैं लेकिन अधिकतर आवेदकों की कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इस बार तो अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनसुनवाई ही नहीं हुई। अधिकारियो से चर्चा करने पर पता चला कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की भीकनगांव में सभा होने के कारण सभी अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम में गए हुए है। आवेदक सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक जनसुनवाई में अधिकारियों का इंतजार करते रहे लेकिन आवेदन लेने के लिए न तो अधिकारी पहुंचे और नहीं कर्मचारी। इंतजार करने के बाद आखिरकार खेडीटांडा से आए आवेदक पूनमचंद पिता लक्ष्मण व अन्य आवेदकों को निराश होकर वापस अपने घर लाैटना पड़ा। इस दौरान दो-तीन कर्मचारी जनपद पंचायत में बैठे हुए थे। उन्होंने आवेदन लेने से मना कर दिया। एसडीएम मधुवंत राव धुर्वे ने बताया भीकनगांव में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होने के कारण अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगी थी। इससे जनसुनवाई में कोई भी अफसर शामिल नहीं हो पाया।