गले में फंसे तार व जख्म से शिकारियों द्वारा लगाए फंदे में फंसने की आशंका, पंजे के दो नाखून भी गायब मिले
भास्कर संवाददाता | बड़वाह
बीते दिनों महोदरी आश्रम के पीछे स्थित जंगल में मृत नर तेंदुआ वन विभाग के अधिकारियों को मिला। उसके गले में तार बंधे होने के साथ चोट व रगड़ के निशान भी थे। साथ ही पिछले पंजे के दो नाखून भी गायब थे। यह फंदा शिकारियों द्वारा लगाया जाना बताया जा रहा है। अब वन विभाग इन शिकारियों को तलाश में लग गया है।
एसडीओ वन विभाग एमएस डाबर ने बताया 16 मई की शाम 6.30 बजे वन विभाग को कक्ष क्रमांक 284 में मृत बाघ मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर देखा की करीब 3 से 4 साल का तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा था। उसके गले में तार बंधा हुआ था। गले में जख्म के निशान नजर आ रहे थे। तेंदुए के पास एक गाय भी मिली है, जिसका शिकार तेंदुए द्वारा किया जाना प्रतीत हो रहा है। घटना स्थल को देखकर प्रथम दृष्टया ऐसा नजर आ रहा है कि तेंदुआ जाल से फंसकर किसी तरह निकल आया होगा लेकिन शिकार के बाद गाय को खाने के दौरान उसके गले में अधिक जख्म हो गया। इस कारण उसकी मौत हो गई होगी। पिछले पंजे के दो नाखून भी गायब मिले हैं। 17 मई को तेंदुए का पोस्टमार्टम किया गया। मौत का सही कारण जानने के लिए तेंदुए का विसरा जबलपुर भेजा गया है। तेंदुए के पेट में मिले मांस का सैंपल व मृत गाय के मांस का सैंपल डीएनए जांच के लिए हैदराबाद भेजा गया है। एसडीओ का कहना है कि इस मामले में वन विभाग द्वारा मुस्तैदी से सर्चिंग अभियान चला रहे हैं। संदिग्ध लोगों की तलाश जारी है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा। शनिवार को इंदौर से आई टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की थी।