गांजर|प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में जमा करने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत तुपकबोरा के आश्रित मुड़ागांव के छबिराम पिता चैतराम मिरी के नाम साल 2016-17 में आवास स्वीकृत किया गया था। इसके लिए इंडियन ओवरसीज बैंक बागबाहरा में खाता खुलवाया। लेकिन सरपंच और सचिव की लापरवाही के चलते आवास की दो किश्त की गांव के ही दूसरे व्यक्ति छबिराम पिता सुखू सतनामी के खाता में डाल दी गई। जिसने राशि आहरण भी कर ली। इसकी जानकारी उस वक्त हुई जब संबंधित व्यक्ति जब बैंक गया। बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि राशि निकल चुकी है। इसके बाद उसने सरपंच व सचिव से पूछा तो उन्होंने बताया कि गलती से दूसरे खाते में राशि चली गई है।
इसके बाद सरपंच और सचिव ने दूसरे व्यक्ति छबिराम पिता सुखू सतनामी से कहा कि यह आवास की किश्त आप की नहीं, दूसरे छबिराम पिता चैतराम मिरी की है एेसा कहकर पहली किश्त वापस दिलाई। लेकिन उसने दूसरी किश्त की राशि अब तक नहीं लौटाई है। प्रभावित छबिराम का कहना है कि एक साल हो गया अभी तक दूसरा किश्त नहीं मिला है। इधर सचिव नाथूराम गायकवाड़ ने बताया कि एक नाम होने के कारण गलती हो गई और 48 हजार की दो किश्त दूसरे के खाते में चली गई है। जल्द ही राशि वापस दिलाई जाएगी।