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बैठक की जानकारी नहीं देने पर प्रमुख भड़के

3 वर्ष पहले
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बाघमारा प्रखंड स्थित सभागार कक्ष में शौचालय निर्माण तथा ओडीएफ को लेकर आयोजित बैठक के दौरान शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। हंगामा किसी और ने नहीं बल्कि स्वयं प्रखंड प्रमुख ने हंगामा किया। हुआ यूं कि बैठक प्रखंड के सभागार में बैठक चल रही थी। जिसकी जानकारी प्रमुख को नहीं थी। इसके बाद भी प्रमुख सभागार कक्ष पहुंच गई।

वहां पहुंच उन्होंने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी सह जेएसएस परशुराम सिंह को खूब खरी खोटी सुनाने लगी। जिससे लोग सन्न रह गए। प्रमुख ने कहा कि कार्यालय में रहने के बाद भी बैठक की सूचना नहीं देना अधिकार का हनन है। किस परिस्थिति में बिना सूचना दिए सभागार कक्ष में बैठक का आयोजन किया गया।

इसके बाद प्रमुख को जब पता चला कि उक्त बैठक में मुखिया के स्थान पर मुखिया पति बैठे हैं तो आग बबूला हो गई। इस दौरान जेएसएस ने गलती स्वीकार करते हुए प्रमुख से माफी मांगने के साथ अविलंब तेतुलिया एक तथा रघुनाथपुर पंचायत के दो मुखिया पतियों को बैठक से बाहर का रास्ता दिखाया। प्रमुख ने कहा कि बीडीओ की अनुपस्थिति में आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारियों द्वारा दबंगई की जा रही है। इन अधिकारियों के कारण ही बैठक में मुखिया पति उपस्थित रहते हैं। कार्यालय में रहने के बाद भी प्रमुख को जानकारी देना भी आवश्यक नहीं समझा जाता है। हालांकि जेएसएस द्वारा माफी मांगे जाने के बाद प्रमुख शांत हो गई। इसके बाद पुनः बैठक का आयोजन प्रमुख की उपस्थिति में किया गया।

बाघमारा में बैठक में भाग लेते प्रमुख व अन्य।

पंचायत को घोषित करना है ओडीएफ
जेएसएस परशुराम सिंह ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत बैठक का आयोजन किया गया था। उक्त बैठक में प्रखंड के केशरगढ़ पंचायत के राजस्व ग्राम केशरगढ़, बहियारडीह पंचायत के टंडाबारी, जमुआ के जमुआ, रघुनाथपुर के फुलवार, बौआकला दक्षिण के छोटकीबौआ, तेतुलिया एक के गोविंदपुर तथा बेहराकुदर पंचायत के कोइरीडीह राजस्व ग्राम को जल्द से जल्द ओडीएफ करने के साथ आदर्श ग्राम घोषित किया जाना है। बैठक में को ऑर्डिनेटर दीपा कुमारी, साहिला परवीन, सोनाक्षी कुमारी, गैस एजेंसी के राजेश राम, मुखिया राजू रजक, गिरिजा देवी, मंजू देवी आदि थीं।

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