बाघमारा प्रखंड सभागार कक्ष में तीन माह बाद गुरुवार को आयोजित पंचायत समिति सदस्यों की मासिक बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। सोलर लाइट घोटाले की जांच की मांग को लेकर बीडीओ रिंकू कुमारी से सदस्यों की तूतू-मैंमैं देखते-ही-देखते हंगामे में तब्दील हो गई। हंगामा के बाद उप प्रमुख ममता सिंह तथा संघ के अध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में सदस्य सभागार कक्ष के बाहर धरना पर बैठ गए। इस दौरान सदस्यों ने प्रखंड से लेकर जिला तक के अधिकारियों के खिलाफ लूट में शामिल होने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। हंगामा बढ़ता देख बैठक को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद धरना पर बैठे सदस्य प्रमुख मीनाक्षी रानी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए सदस्यों को एकजुट करते नजर आए। वहीं प्रमुख ने कहा कि कुछ सदस्य निजी स्वार्थ के लिए दूसरे पंचायत का मुद्दा उठाकर बैठक को बाधित करने का काम करते हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हंगामा करने वालों में मुख्य रूप से बैजनाथ प्रसाद, सुशील गुप्ता, गीता देवी, निशित कुमार, राजन महतो, वींरेंद्र सिंह, नूनीबाला देवी, शकीला बानू, सुशीला देवी, मो रियाजुद्दीन, छोटेलाल मांझी, सूरज सोनी, चिंता देवी आदि शामिल थे।
सदस्यों ने जेएसएस पर साधा निशाना
सदन की कार्यवाही के दौरान सदस्यों द्वारा वर्षों से जमे प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी परशुराम सिंह को टारगेट में रखा गया। उत्तेजित सदस्यों को समझाने का प्रयास कर रहे प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी परशुराम सिंह को काफी फजीहत झेलनी पड़ी। सदस्यों ने उन्हें साफ लहजे में कहा कि प्रखंड में जो भी भ्रष्टाचार हो रहा है। उसकी जानकारी जेएसएस को है। इस दौरान हंगामा कर रहे सदस्यों की तस्वीर लेने गए पत्रकारों को देख बीडीओ रिंकू कुमारी भी आग बबूला हो गई। अपनी कार्यप्रणाली की पोल खुलता देख बीडीओ ने पत्रकारों को सदन से बाहर जाने की बात कह दी। वहीं संघ के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि प्रखंड के अधिकारियों द्वारा मुद्रामोचन की लीला को छुपाने के लिए पत्रकारों को सदन से बाहर किया गया। जबकि सदन की कार्यवाही में पत्रकारों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
प्रमुख और सदस्य हुए आमने-सामने
सदन की कार्यवाही के दौरान संघ के अध्यक्ष सह मंदरा पंसस रंजीत सिंह द्वारा जब झींझीपहाड़ी मुखिया पर दिखावे के लिए की गई कार्रवाई का मामला उठाया तो प्रमुख भड़क कर अधिकारियों के बदले खुद जवाब देने लगी। इस पर सदस्य उग्र हो गए और प्रमुख से हॉट टॉक करते हुए कहा कि अधिकारियों का पक्ष लेना बंद करें। इसके बाद सदस्य हंगामा करते हुए उप प्रमुख ममता सिंह तथा संघ के अध्यक्ष के नेतृत्व में सदन के बाहर धरना में बैठ गए। धरना दे रहे सदस्यों ने आरोप लगाया कि प्रखंड से लेकर जिला तक के अधिकारी बाघमारा में हो रहे घोटाले में संलिप्त हैं।
सदस्यों में नहीं दिखी एकजुटता
धरना के दौरान सदस्यों में एकजुटता में कमी नजर आई। प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया के समर्थक सदस्य सदन के अंदर दुबके रहे। वहीं उप प्रमुख ममता के समर्थक सदन के बाहर बैठक का बहिष्कार करते हुए नारेबाजी कर रहे थे। धरना का समर्थन नहीं करते देख उप प्रमुख समर्थकों ने प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा की। इसे लेकर एक पक्ष के फिलहाल 20 सदस्यों ने प्रमुख के विरोध में समर्थन देने की घोषणा की। संघ के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि जल्द ही प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।