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मजदूरों ने खोली आउटसोर्सिंग प्रबंधन की पोल

3 वर्ष पहले
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सेंट्रल एडवाइजरी कंट्रोल लेबर बोर्ड की टीम ने सोमवार को ब्लॉक टू क्षेत्र में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा असंगठित मजदूरों को दिए जाने वाले सुविधाओं की जांच की। इस दौरान असंगठित मजदूरों ने जांच टीम के सामने आउटसोर्सिंग प्रबंधन की पोल खोल कर रख दी। कंपनी अधिकारियों द्वारा मजदूरों के साथ किए जा रहे शोषण की बात सुन जांच टीम के होश उड़ गए। इसके बाद टीम में शामिल बोर्ड के चेयरमैन सुरभि भूमराव ने मौके पर उपस्थित ब्लॉक टू क्षेत्र के महाप्रबंधक बीके सिन्हा, आउटसोर्सिंग कंपनी आईसीसीआईपीएल तथा ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के प्रबंधकों को जमकर फटकार लगाते हुए व्यवस्था में अविलंब सुधार लाने की बात कही। टीम सदस्यों ने बताया कि हाई पावर कमेटी द्वारा मजदूरों के हित में वेतनमान का जो निर्णय लिया गया है। उसका लाभ ब्लॉक टू क्षेत्र में कार्यरत असंगठित मजदूरों को मिलता है या नहीं उसी की जांच करने आए हैं। जांच के दौरान काफी कमी नजर आई। टीम के सदस्यों द्वारा जब ब्लॉक टू क्षेत्र जमुनिया, बेनीडीह मेन साइडिंग की जांच की गई तो आउटसोर्सिंग प्रबंधन द्वारा असंगठित मजदूरों को दी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था को देखकर नाराजगी जाहिर की गई। मजदूरों ने भी बताया कि सुरक्षा के नाम पर मजदूरों का शोषण किया जाता है। जांच टीम में मुख्य रूप से बोर्ड के चेयरमैन के अलावा डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर एके सामंता राय, एलईओ दीपक चंद्रा, बीसीसीएल के डीपी आरएस महापात्रा, एटक के केंद्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार शामिल थे। मौके पर जीएम बीके सिन्हा, जे बारा, मिलन साहा, पीके ओझा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बाघमारा में असंगठित मजदूरों से पूछताछ करते जांच टीम के सदस्य।

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