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आरोपी को छुड़ाने व डेको कर्मियों के साथ मारपीट मामले में प्राथमिकी दर्ज

3 वर्ष पहले
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बरोरा पुलिस तथा डेको कर्मियों के साथ हुई मारपीट मामले में एफआईआर से नाराज आशा कोठी सहित आसपास क्षेत्रों के दर्जनों ग्रामीणों ने बुधवार को विरोध दर्ज कराते हुए प्रबंधन तथा कानून व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने प्रबंधन द्वारा दिए गए झूठे शिकायत के आधार पर बिना जांच किए झामुमो नेता कारू यादव सहित अन्य के खिलाफ झूठा केस दर्ज कर लिया है। इसी के विरोध में आंदोलन किया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने कंपनी का काम बंद करने का दावा करते हुए कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इधर घटना के बाद से कंपनी कर्मियों में भय का माहौल बना हुआ है। साथ ही कंपनी ने विभिन्न मामलों का हवाला देते हुए कार्य बाधित होने का नोटिस जारी कर दिया गया है।

घटना के बाद से ही कंपनी कर्मियों तथा ग्रामीणों के बीच तनाव बरकरार है। जिस पर बरोरा तथा मधुबन पुलिस नजर रखने का काम कर रही है। आंदोलन में मुख्य रूप से झामुमो नेता कारू यादव, प्रदीप यादव, राजू महतो, दिलीप यादव, इमरान अंसारी, कलीम खान, मो खालिद, आनंद साव, लक्ष्मी, माना भुइयां, दुलारी देवी, ललिता देवी, सोनवा देवी, बीरबल कुम्हार, सुनरवा देवी, ममता देवी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

प्राथमिकी दर्ज किए जाने के विरोध में आंदोलन करते आशाकोठी के लोग।

कारू यादव सहित अन्य पर मामला दर्ज

मारपीट प्रकरण में बरोरा पुलिस ने दो अलग अलग एफआईआर दर्ज किया है। पहली प्राथमिकी में थाना के एएसआई मुकेश कुमार द्वारा अशरफी यादव, संजय यादव, बाबूलाल यादव, राहुल यादव सहित अन्य के खिलाफ कोयला चोरी करने, नाजायज मजमा लगाकर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, धक्का मुक्की करने का आरोप लगाया गया है। जबकि फुलारीटांड़ कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी पीयूष किशोर की शिकायत पर पुलिस ने दूसरी प्राथमिकी दर्ज किया है। जिसमें कोयला चोरी करने तथा रंगदारी मांगने के उद्देश्य से कारू यादव उर्फ देवेंद्र यादव सहित 20-30 अज्ञात के खिलाफ माइंस में घुसकर कर्मियों के साथ मारपीट करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने दोनों एफआईआर दर्ज कर फिलहाल एक आरोपी अशरफी यादव को जेल भेजने का काम किया है।

भास्कर न्यूज | बाघमारा

बरोरा पुलिस तथा डेको कर्मियों के साथ हुई मारपीट मामले में एफआईआर से नाराज आशा कोठी सहित आसपास क्षेत्रों के दर्जनों ग्रामीणों ने बुधवार को विरोध दर्ज कराते हुए प्रबंधन तथा कानून व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने प्रबंधन द्वारा दिए गए झूठे शिकायत के आधार पर बिना जांच किए झामुमो नेता कारू यादव सहित अन्य के खिलाफ झूठा केस दर्ज कर लिया है। इसी के विरोध में आंदोलन किया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने कंपनी का काम बंद करने का दावा करते हुए कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इधर घटना के बाद से कंपनी कर्मियों में भय का माहौल बना हुआ है। साथ ही कंपनी ने विभिन्न मामलों का हवाला देते हुए कार्य बाधित होने का नोटिस जारी कर दिया गया है।

घटना के बाद से ही कंपनी कर्मियों तथा ग्रामीणों के बीच तनाव बरकरार है। जिस पर बरोरा तथा मधुबन पुलिस नजर रखने का काम कर रही है। आंदोलन में मुख्य रूप से झामुमो नेता कारू यादव, प्रदीप यादव, राजू महतो, दिलीप यादव, इमरान अंसारी, कलीम खान, मो खालिद, आनंद साव, लक्ष्मी, माना भुइयां, दुलारी देवी, ललिता देवी, सोनवा देवी, बीरबल कुम्हार, सुनरवा देवी, ममता देवी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

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