उपखंड क्षेत्र बागीदौरा में पानी की कमी से लोगो को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर जिन घरों में पशुओं का पालन हो रहा है वहां उनके लिए पानी का जुगाड़ करना बहुत मुश्किल हो रहा है। जिस कारण गर्मियों के दिनो में किसान पशुओं की संख्या भी कम कर देते है। पानी की यह समस्या प्रतिवर्ष की है, जहां गर्मियों के दिनों मे एक दिन छोड़ कर एक दिन पानी की सप्लाई होती है। बागीदौरा में वर्तमान में पानी की सप्लाई नौगामा की बावडिय़ों से होती है जो कस्बे से पांच किमी दूरी पर है ऐसे में अगर गांव की बावड़ियां ही सही हो जाए तो पानी की समस्या दूर हो सकती है।
पूरे बागीदौरा कस्बे में देखा जाए तो पांच ऐसी पुरानी बावडिय़ा है जो सुचारू रूप से शुरू हो जाए तो पानी की इस समस्या से लोगों को निजात मिल सकती है। लेकिन इन बावडिय़ों की साफ सफाई और सौन्दर्यीकरण हो जाए तो पानी की कमी दूर हो सकती है।
कस्बे के लोगों का कहना है कि पुराने समय में जब नलों की व्यवस्था नहीं होती थी तो पुरा गांव इन बावडिय़ों के पानी का ही उपयोग करता था। जिससे कभी भी पानी की समस्या नहीं आती थी। लेकिन जैसे जैसे घर घर पानी पहुंचाने का कार्य शुरू हुआ तो इन बावडिय़ों की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिससे आज इनकी यह दुर्दशा हो रही है। जिनकी कमी गर्मियों के दिनो में होती है जब पानी नहीं मिल पाता। ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जलदाय विभाग चाहे तो इन बावडिय़ों की साफ सफाई करवाकर एवं गंदा पानी बाहर निकालकर उनका जिर्णाद्धार करवा दे तो गर्मियों के दिनो में यह बावडिय़ा एक बार फिर से ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो सकती है।