पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • जन्म से मूकबधिर इतिष्का गा व सुन सकेगी

जन्म से मूकबधिर इतिष्का गा व सुन सकेगी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
देवास के एक दूरांचल के गांव की डेढ़ साल की इतिष्का नागर अब जीवन का संगीत सुन सकेगी। इतिष्का के जीवन में स्वर लहरियां आई हैं, जिससे माता-पिता खुश हैं। बागली विकासखंड के उदयनगर की इस बालिका के पिता प्रवीण नागर एवं माता कल्पना अपनी लाडली बिटिया की आवाज सुनकर खुशी से भर गए हैं। मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजनांंतर्गत 6 लाख 50 हजार का खर्च सरकार ने उठाया।

इतिष्का नागर के माता-पिता ने बताया उनके यहां बिटिया का जन्म हुआ तो सभी खुशी से झूम उठे और सभी परिजन कहने लगे कि घर में परी तथा लक्ष्मी का आगमन हुआ है। परिवार में सभी का खुशी का ठिकाना नहीं रहा, लेकिन जब वह धीरे-धीरे बड़ी होने लगी और माता-पिता को यह आभास होने लगा कि उनकी बेटी सुन व बोल नहीं सकती तो उनके चेहरे पर मायूसी सी छा गई। पिता प्रवीण ने बेटी को जगह-जगह इलाज के लिए ले गए लेकिन डॉक्टरों ने बताया इसमेंं बहुत खर्चा आएगा। मजदूरी करके जीवन यापन करने वाले प्रवीण के लिए अपनी लाडली बेटी का इलाज कराना संभव नहीं हो रहा था।

डेढ़ वर्षीय बालिका का कोकलियर इम्पलांट कराया, माता-पिता खुश

चिकित्सकों ने बताया रास्ता

इतिष्का के पिता ने बताया उनके ग्राम में आंगनबाड़ी केंद्र पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागली के आरबीएसके दल द्वारा उनकी बच्ची का परीक्षण किया। आरबीएएसके चिकित्सकों ने कहा कि इतिष्का का इलाज संभव है। इलाज के बाद वह सुन व बोल सकेगी तथा उसका इलाज भी मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना अंतर्गत नि:शुल्क होगा। पूरे इलाज का खर्चा शासन उठाएगा।

सरकार ऐसे पहुंची बालिका तक

आरबीएसके चिकित्सक ने बताया मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना अंतर्गत 6 लाख 50 हजार रुपए का खर्च आता है, शिविर में यह जानकारी इतिष्का के माता-पिता को दी तो उन्होंने तुरंत हां की। दल द्वारा बच्ची का परीक्षण कर आरबीएसके समन्वयक ज्योति अहीरे के पास भेजा।वहां से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके सरल को बच्ची की पूरी जानकारी दी गई। सीएमएचओ डॉ. सरल से चर्चा कर उनके मार्गदर्शन में बच्ची को आकाश ईएनटी इंदौर जांच के लिए भेजा गया और इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई।

खबरें और भी हैं...