पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • जलस्तर कम होने से सिद्धनाथ घाट को छोड़कर शेष जगह नर्मदा पोखर की तरह दिख रही

जलस्तर कम होने से सिद्धनाथ घाट को छोड़कर शेष जगह नर्मदा पोखर की तरह दिख रही

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बैसाख बदी की सतुवई सोमवती अमावस्या पर नेमावर में हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान कर पुण्य लाभ लिया। नेमावर में स्नान के लिए आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वर्तमान में नर्मदा में जलस्तर कम होने से सिद्धनाथ घाट को छोड़कर शेष जगह पर नर्मदा पोखरों जैसी ही नजर आ रही है।

विशेष पर्व काल में स्नान के लिए अमावस्या की पूर्व संध्या चौदस तिथि से गर्मी के बावजूद पैदल चलकर मां नर्मदा के जयकारे लगाते श्रद्धालुओं का आगमन जत्थों के रूप में हुआ। जिन्होंने विभिन्न धर्मशालाओं में मंदिरों में भजन-कीर्तन कर रतजगा किया। नपं अध्यक्ष मनोरमा यादव ने एवं पार्षद अनुराधा जोशी ने समस्त शासकीय भवनों को श्रद्धालुओं के रात्रि विश्राम करने हेतु खुलवा दिया था। विश्राम कर यात्रियों ने सुबह सोमवार से मुख्य पर्व स्नान शुरू किया। जो देर शाम तक चलता रहा।

नेमावर . सिद्धनाथ घाट को छोड़कर इस तरह से नजर आ रही है नर्मदा।

निशुल्क भोजन वितरण किया

विधायक आशीष शर्मा ने नागर घाट पर नपं उपाध्यक्ष दिनेश केवट, नपं अध्यक्ष प्रतिनिधि मंगलेश यादव, संटू हथेल के साथ भगवन भक्त मंडल के बैनर तले श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन प्रसादी का वितरण किया। एसडीओपी शेरसिंह भूरिया एसडीएम जीवनसिंह रजक के मार्ग दर्शन में थाना प्रभारी कैलाश सिंह चौहान ने सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद बनाए रखी।

नागर घाट पर अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाया

नागर घाट पर अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाकर डॉ. जीवन यादव स्टाफ के साथ सेवा देते रहे। स्थानीय नपं प्रशासन द्वारा सीएमओ एएल वर्मा के मार्गदर्शन में ओमप्रकाश यादव, नारायण व्यास, सूर्यनारायण व्यास एवं सत्यनारायण भदौरिया ने भीषण गर्मी के मद्देनजर जगह-जगह यात्री मार्गों में शीतल पेयजल की व्यवस्था की। भरत घावरी ने घाटों पर सफाई कर्मचारियों के साथ साफ-सफाई की व्यवस्थाएं बनाए रखी।

पीपल के वृक्ष का पूजन किया

बागली |
सोमवार को सोमवती अमावस्या के अवसर पर महिलाओं ने विशेष पूजन किया। महिलाओं ने व्रत रखकर पीपल के वृक्ष का पूजन किया। साथ ही 108 परिक्रमा करके धागा बांधा। भगवान जटाशंकर का पंचामृत अभिषेक किया गया। दोपहर में भंडारा हुआ। वाग्योग चेतना पीठम पर मुकुंद मुनि पं रामाधार द्विवेदी के मार्गदर्शन में सोमवती अमावस्या पूजन हुआ। बटुकों को अमावस्या का विशेष संयोग बताया गया। आरती के बाद प्रसादी वितरण हुआ।

खबरें और भी हैं...