अपराधों पर रोकथाम के लिए बॉर्डर पर लगाए 52 सीसीटीवी
बहादुरगढ़ | दिल्ली में क्राइम करके हरियाणा में शरण लेने वाले बदमाशों का रास्ता मुश्किल हो गया है। दिल्ली पुलिस ने अपराधों पर रोकथाम के लिए बॉर्डरों पर 52 हाई रेज्युलेशन कैमरे लगा दिए हैं। प्रथम चरण में एनएच, स्टेट हाईवे और अन्य बड़े बॉडरों पर सीसीटीवी इंस्टाल किए गए हैं। इसके बाद छोटे रास्तों पर भी सीसीटीवी लगाएं जाएंगे। पुलिस हेडक्वार्टर में इसका कंट्रोल रूम बनाया गया है। वहीं लाइव फुटेज की एक फीड बहादुरगढ़ पुलिस को भी दी जाएगी। ताकि दोनों राज्यों की पुलिस एक साथ अपराधियों पर नजर रख सकें। इन कैमरों में कैद वाहनों की संयुक्त रूप से प्रतिदिन जांच की जा रही है।
सीसीटीवी लगाने के पीछे पुलिस का मकसद यह है कि पिछले एक दशक में दिल्ली में होने वाली बड़ी आपराधिक घटनाओं में झज्जर-बहादुरगढ़ के बदमाश शामिल रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे लगने से हरियाणा से आने वाले प्रत्येक वाहन एवं संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखी जाएगी। दरअसल हरियाणा या दिल्ली में अपराध करके अपराधी दूसरे प्रदेश की सीमा में चले जाते थे। जिन्हें पकड़ना मुश्किल होता था। ऐसे में सीसीटीवी फुटेज से पता चल जाएगा कि क्राइम होने के बाद कौन-कौन से वाहनों ने बॉर्डर पार किया है।
लडरावण गांव से लेकर दौराला बॉर्डर तक करीब 30 किमी लंबी दिल्ली-हरियाणा की सीमा है। हरियाणा की सीमा में बहादुरगढ़ में एनएच 9 पर सबसे बड़ा टिकरी बॉर्डर है। इसके बाद झाड़ोदा बॉर्डर व बादली में ढांसा बॉर्डर है।