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भैणी कुंगड़ में 18 एकड़ गेहूं में लगी आग, बुझाने में लगे 3 घंटे

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | भिवानी/मुंढ़ाल

बच्चाें के खेल खेल में बुधवार को गांव भैणी कुंगड़ के खेतों में लगी अाग से गेहूं की 18 एकड़ फसल जल कर राख हो गई। घटना दोपहर बाद करीब चार बजे की है। गांव भैणी कुंगड़ में भैणी सोरखी के बीच किसान कंबाइन से गेहूं निकलवा रहे थे। अचानक करीब दस एकड़ दूरी पर गेहूं के खेत में आग दिखाई दी। खेतों में काम कर रहे किसान पेड़ों की टहनियों को तोड़ कर आग बुझाने में लग गए, मगर तेज हवा में होने के कारण आग तेज हाेती रही। किसानों ने फायर ब्रिगेड व गांव में फोन कर ट्रैक्टरों में स्प्रे पंप मंगवाए, लेकिन तब तक 18 एकड़ गेहूं की फसल जल गई।

किसानों का कहना है कि 5-6 साल के तीन बच्चों की नादानी की वजह से आग लगी है। उन्होंने बताया कि खेत के एक कोठे के बाहर दो-तीन बच्चे माचिस से खेल रहे थे। इसी खेल-खेल में उनसे ये हादसा हो गया। दूसरी ओर एक किसान बलराज का आराेप है कि उसके पड़ोसी रामसरूप ने आग लगाई है। एक घंटे बाद भिवानी से दो और हांसी से एक दमकल गाड़ी पहुंची, जिन्हें आग बुझाने में तीन घंटे लगे। इसी दौरान किसानों ने आग को अागे बढ़ने से रोकने के लिए फसल हैरो से रौंद दी। आग बुझाते हुए कुछ किसान झुलस भी गए। किसानों ने सरकार से इस घटना के बाद भरपाई की मांग की है।

मुंढाल. गेहूं के खेत में आग लगने से जली फसल और उठता धुआं।

इन किसानों की मेहनत को लगी आग

बुधवार को गांव भैणी के बलजीत, दलराज, बलराज, जयसिंह महासिंह, राज, बिंद्र सहित कई किसानों की गेहूं जल कर राख हो गई। 18 एकड़ गेहूं के साथ 3 एकड़ में गेहूं का लाना भी जल गया है। साथ ही आधा एकड़ में गेहूं काटे हुए गेहूं भी आग की चपेट में आ गए है। आग बुझाते हुए सुखबीर बजिंद्र, कृष्ण बलराज, लीलू व अमित झुलस गए।

लीलू ने तो छह एकड़ जमी ठेके पर ले रखी थी, जिसकी तीन एकड़ गेहूं जल कर राख हो गई। जबकि जयसिंह के चार एकड़ गेहूं में से तीन एकड़ गेहूं की फसल आग की चपेट में आ गई।

तेज हवा में आग हुई बेकाबू

गेहूं की फसल में लगी आग पर काबू पाने के लिए किसानों व दमकल विभाग ने कड़ा प्रयास किया। मगर 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा के कारण आग बेकाबू होती रही। किसानों के अनुसार आग लगने की घटना के साथ ही पुलिस एवं दमकल विभाग को मामले की सूचना दे दी गई थी। भिवानी व हांसी से तीन दमकल गाड़ी घटना के एक घंटे बाद ही पहुंच गई थी।

बैराण में एकड़ खड़ी फसल जलकर राख

बहल | खंड के गांव बैराण में किसान धर्मपाल के खेत में एक एकड़ खड़ी गेहूं की फसल हाई वोल्टेज की बिजली लाइन से निकली चिंगारी की वजह से जल कर खाक हो गई। ग्रामीणों ने गेहूं की फसल में भड़की आग पर काबू पाया। किसान धर्मपाल ने इसकी शिकायत नायब तहसीलदार बहल व पुलिस थाना में दे दी है। किसान ने बताया कि उसके खेत के ऊपर से बिजली की लाइन गुजरती है। लाइन ढीली होने की वजह से तेज हवाओं से आपस में टकरा जाते हैं जिससे चिंगारी गिरती रहती है। बुधवार को दोपहर को भी यही घटित हुआ अाैर उसके सपने चिंगारी ने स्वाह कर दिए। फसल के जल से उसको करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुअा है।

गेहूं के फाने काे न जलाएं किसान, हाे सकती है छह माह की सजा व जुर्माना

मिरान में साढ़े तीन एकड़ में फसल जली

तोशाम | मिरान में किसान रमेश, वीरभान व आजाद के खेतों में खड़ी गेंहू की फसल में अचानक आग लग गई। पीड़ित किसानों ने बताया कि खेतों पर से हाइटेंशन तार गुजर रही है। रविवार दोपहर अचानक आई तेज हवा में बिजली की तारों में स्पार्किंग हुई। जिस कारण खेत में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। ट्रैक्टरों व ट्यूबवेल से आग बुझाने तक करीबन साढ़े तीन एकड़ में खड़ी गेंहू की फसल बर्बाद हो गई। पूर्व सरपंच बलवान सिंह, भोपाल सिंह आदि ने बताया कि आग की लपटें देखकर आसपास के किसान तुरंत एकत्रित हो गए। वहीं गांव से भी लोग पंहुच गए। फसल पर ट्रैक्टर चलाकर आग के बढ़ते दायरे पर काबू पाया गया।

चांग | किसान गेहूं के फाने न जलाएं, क्योंकि फाने जलाने से वातावरण जहरीला होता है वहीं मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी कम हो जाती है। यह बात कृषि विकास अधिकारी अनिल कुमार बिब्यान ने चांग, रिवाड़ी खेड़ा, सैय, ढाणी हरसुख आदि गांव के किसानों को जागरूक करते हुए कही। उन्होंने किसानों को बताया कि पराली या फाने आदि जलाना कानूनन अपराध है। इसमें छह माह की सजा व जुर्माना हो सकता है। मशीन से फानों से तुड़ी बनाकर चारे के रूप में प्रयोग की जा सकती है।

आग बुझाने का प्रयास करते किसान।

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