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नपा ने माना- कंडम ट्रैक्टर और टैंकरों से नहीं हो पाती पानी की आपूर्ति, नए खरीदेंगे

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता|बैकुण्ठपुर

नगर पालिका परिषद ने भीषण गर्मी व पेयजल संकट को देखते हुए निर्णय लिया है कि विरासत में मिले वर्षों पुराने कंडम टैंकरों व खटारा ट्रैक्टरों की नीलामी की जाएगी। साथ ही 52 लाख की लागत से नए ट्रैक्टर और टैंकर खरीदे जाएंगे। इसके लिए टेंडर की औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं। इससे जहां जल वितरण व्यवस्था चुस्त दुरुस्त होगी। वहीं खटारा ट्रैक्टर व टैंकर आदि के मरम्मत में होने वाली फिजूलखर्ची से भी निकाय को राहत मिलेगी।

नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जायसवाल ने बताया कि पेयजल वितरण व्यवस्था को चुस्त दूरुस्त करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। नगर पालिका परिषद् ने प्रस्ताव पारित कर दिया है कि पुराने ट्रैक्टर व टैंकरों की नीलामी कर दी जाए, क्योंकि नए ट्रैक्टर व टैंकर आने के बाद ये शत-प्रतिशत अनुपयोगी हो जाएंगे। बैकुंठपुर की जलावर्धन योजना की निस्तारीकरण की योजना भी प्रारंभ होनी है। इसके लिए निकाय द्वारा एजेंसी नियुक्त कर दी गई है। अब ओवरहेड टैंक परिसर में ठेकेदार को काम प्रारंभ करने के लिए परिसर को खाली कराना है। शीघ्र नीलामी की जाएगी ताकि ओवरहेड टेंक परिसर में खड़े ट्रैक्टर व टैंकर आदि हटाए जा सकें। जायसवाल ने बताया है कि बैकुंठपुर नगर पालिका क्षेत्र के अन्तर्गत 8-10 वार्ड ऐसे हैं जहां पर स्थानीय नागरिकों को हैंडपंपों पर ही आश्रित रहना पड़ता है। गर्मी आते आते शहर के 75 प्रतिशत से ज्यादा हैंडपंप जवाब दे जाते है। ऐसे में नगर पालिका परिषद् पर पेयजल आपूर्ति की गंभीर चुनौती सामने आ जाती है। इन वार्डों में पानी टैंकरों के जरिए ही लोगों को जलापूर्ति की जाती है। पुराने ट्रैक्टर व टैंकर के कारण जलापूर्ति की गति काफी धीमी थी और पुराने टैंकरों से जल की फिजूलखर्ची भी बहुत होती थी।

नगर पालिका के खटारा ट्रैक्टर और टैंकराें की होगी नीलामी।

तीन ट्रैक्टर और टैंकर खरीदेगी नगर पालिका

नपाध्यक्ष ने बताया कि नगर पालिका परिषद द्वारा 52 लाख की लागत से नगर पालिका द्वारा तीन नए ट्रैक्टर, 15 छोटे-बड़े टैंकर व तीन हाइड्रोलिक जेट खरीदे किए जाने हैं। इसके लिए अधिकारियों को टेंडर आदि कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि टेंडर में आए दर से राशि बचती है तो टेंकरों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। नए ट्रैक्टर आने से परिषद को इन पर होने वाले हर वर्ष मरम्मत में खर्च होने वाली राशि से छुटकारा मिल सकेगा और टैंकरों के रख-रखाव में भी खर्च होने वाली राशि बच सकेगी।

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