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अनदेखी फिल्टर प्लांट से निकला पानी ही लोगों को बीमार कर रहा

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता|बैकुण्ठपुर

मनेंद्रगढ़ नपा के एक पार्षद द्वारा सेटलिंक टैंक में 19 मई को सफाई के दौरान 18 फीट मलवा भरा होने का वीडियो वायरल करते हुए यह कहा गया कि पिछले एक साल से शहर के लोगों को गंदा और जहरीला पानी पिलाया जा रहा है। इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ। भास्कर ने जब इस बात की पड़ताल की तो पता चला कि सेटलिंक टैंक में वास्तव में मलवा था। लेकिन 18 फीट नहीं। वहां 6 फीट के लगभग मलवा सेटलिंक टेंक के पहले दूसरे और तीसरे ब्लाक में भरा था। यहा यह बता दें कि सेटलिंक टेंक की सफाई हर साल बारिश से पहले की जाती है। लेकिन 6 फीट मलवा भी जमा होना भी कहीं न कही लापरवाही को ओर इशारा करता है।

आरोप लगाने वाले पार्षद और नपा अध्यक्ष दोनों को ही इस बात जानकारी नहीं थी कि सेटलिंक टंेक की गहराई कितनी थी। आरोप लगा तो परेशान होना लाजमी था। पड़ताल में पता चला कि सेटंिलंक टेंक की कुल गहराई ही 12 फीट है। सेटलिंग टेंक में 60 छोटे-छोटे ब्लाक से होकर पानी फिल्टर मीडिया में पहुचता है। इससे पहले पम्प हाउस से पानी सीधे सेटलिंक टेंक में पहुंचता है, जहां पर एलम के सम्पर्क में पानी को लाया जाता है और यही से पानी के प्यूरीफिकेशन का पहला चरण शुरू होता है।

फिल्टर प्लांट में जमा थी आठ फीट गंदगी जनता को नपा पिला रही थी गंदा पानी

स्वास्थ्य से खिलवाड़

जब नपा ने प्लांट की सफाई कराई तो 8 फीट कीचड़ नजर आया

नपा के कर्मचारियों ने फिल्टर प्लांट की सफाई की। प्लांट में जमा गंदगी और मलवा।

फिल्टरेशन के पहले प्रोसेस का हुआ था वीडियाे वायरल

फिल्टर टेक्नीशियन विजय मिश्रा ने बताया कि जब 19 मई को सेटलिंक टेंक सफाई की जा रही थी, उसी वक्त वीडियो बनाकर वायरल किया गया। जो वीडियो वायरल हुआ है वह पानी फिल्टरेशन का पहला प्रोसेस है जहां पर पूरी तरह गंदा पानी ही आता है। शहर में पहले प्रोसेस का पानी सप्लाई किसी भी हाल में नहीं किया जा सकता है। बीच में पानी रिलीज करने का कोई जुगाड़ ही नहीं है।

बीते तीन वर्षों में फिल्टर प्लांट की नपा ने एक बार भी नहीं कराई सफाई

शहर मंे रोज 56 लाख लीटर पानी की जरूरत होती है

शहर के दो सौ से अिधक लोग हुए पीलिया, उल्टी-दस्त के शिकार

सामूदायिक स्वास्थ केंद्र के बीएमओ डा.सुरेश तिवारी ने बताया कि बीते एक साल के भीतर 25 से 30 पीलिया के मरीज और लगभग 150 उल्टी, दस्ता सहित डायरिया के मरीज पहुंचे। इनमें से 30 से 35 डायरिया के मरीज निकले। 10 साल पहले पीलिया और डायरिया के मरीजों की संख्या सैकड़ों में पहुंच जाती थी। इसके अलावा बड़ी संख्या में एेसे भी मरीज शहर में हो सकते हैं जो निजी क्लीनिक में इलाज कराते हैं।

प्लांट की 24 घंटे में 24 लाख लीटर पानी फिल्टर करने की क्षमता

नपा अध्यक्ष बोले- वीडियो वायरल करने वाले की थाने में की रिपोर्ट

नपा अध्यक्ष राजकुमार केशरवानी ने कहा कि अच्छा हुआ भास्कर ने इसकी ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इससे यह तो पता चला कि सेटलिंक टैंक की गहराई 12 फीट है और 12 फीट के टैंक में 18 फीट मलवा भर जाएगा तो पानी फिल्टर मीडिया तक नहीं पहुचेगा और सेटलिंक टेंक से पानी ओवर फ्लो हो जाएगा। फिलहाल वीडियो वायरल करने वाले के खिलाफ थाने में दर्ज करने की बात कही है।

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