दबे-कुचले लोगों के लिए मसीहे थे डा. अंबेडकर : कांगड़ा
बलाचौर| स्थानीय बाबा बलराज पंजाब यूनिवर्सिटी कालेज में इतिहास विभाग के प्रोफेसर हरिकृष्ण कांगड़ा ने कहा कि बाबा साहिब भीमराव अंबेडकर ने हमेशा ही सामाजिक समरसता की बात की। वे समाज को जोडऩे वाली शख्सियत ही नहीं थे, बल्कि दबे-कुचले व वंचित समाज के मसीहा भी थे। इसके अलावा वे महिलाओं, बच्चों, किसानों व समाज के हर वर्ग के हितैषी थे। उन्होंने कहा कि डा. भीमराव को केवल दलित समाज के साथ जोड़कर देखा जाए तो यह उनके किए गए कार्यों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि उनकी जयंती मनाने का उद्देश्य तभी सार्थक हो सकता है जब उनके दिखाए गए रास्ते पर चला जाए।