दान पुण्य कर बताया अक्षय तृतीया का महत्व
मेहंदीपुर. बालाजी पंडितों को दक्षिणा देते महंत किशोरपुरी।
मेहंदीपुर बालाजी। पूर्वी राजस्थान के बड़े धार्मिक स्थल मेहंदीपुर बालाजी के महंत श्री किशोरपुरी जी महाराज ने बालाजी मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से अक्षय तृतिया पर जन सेवा शिविर का आयोजन किया। इसमें हजारों जरूरतमंद लोगों को दान पुन्य कर अक्षय तृतिया का महत्व बताया। इस अवसर पर 801 ब्राह्मणों को छत के पंखे, अनाज, पांचों वस्त्र व नकद दक्षिणा दी। वहीं 851 स्कूली बालिकाओं को सोने की बाली, स्कूली ड्रेस, खुशबूदार तेल इत्यादी देकर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया। इस दौरान महंत महाराज ने अनेकों बालिकाओं की देवी स्वरूपमान कर पूजा की व चर्ण छूकर पुन्य कमाया। इस मौके पर महंत श्री किशोरपुरी जी महाराज ने कहा कि अक्षय तृतिया के दिन ही भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। वहीं इसी दिन से नए युग की शुरूआत हुई। इस दिन का वेद- पुराणों में बड़ा महत्व बताया गया है। अक्षय तृतिया के दिन किए दान-पुन्य का कभी क्षरण नहीं होता। महंत महाराज ने बताया कि भविष्य पुराण के अनुसार एवं धर्म सिंधु के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन सतयुग और त्रेता युग का प्रारंभ हुआ एवं इसी दिन भगवान श्री परशुराम जी का अवतरण हुआ था। रसोई एवं भंडार की माता अन्नपूर्णा देवी का अवतरण भी इसी दिन हुआ। इसलिए यह दिन अक्षय है, शुभ है। यहां गंगापुर के उदेई कला से आए सिसोदिया राजपूत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए आयोजकों को आभूषण आदि भेंट किया। इस पर विवाह समिति के लोगों ने महंत महाराज को साधुवाद दिया व सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में बालाजी मंदिर ट्रस्ट की गतिविधियों को सराहा।
मेहंदीपुर बालाजी. भक्तगणों पर गंगा जल के छींटे देते नरेशपुरी महाराज।
मेहंदीपुर बालाजी. भक्तगणों पर गंगा जल के छींटे देते नरेशपुरी महाराज।
महाआरती में उमड़े श्रद्धालु
जनसेवा शिविर के बाद महंत श्री किशोरपुरी जी महाराज के उत्तराधिकारी श्री नरेशपुरी जी गोस्वामी ने भगवान परशुराम व बालाजी की महाआरती की। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। नरेशपुरी गोस्वामी ने श्रद्धालुओं में चरणामृत के छींटे देकर मन्नत पूरी होने की कामना की।