रणथंभौर: बालेर में जलस्रोत सूखे, वन्यजीवों का रुख आबादी की ओर
रणथंभौर अभयारण्य में गत वर्ष मौसम की बेरुखी के चलते वन्यजीवों के लिए पेयजल स्त्रोतों में पानी की कम आवक होने के कारण अब ये पूरी तरह सूख चुके हैं। ऐसे में बालेर रेंज मे वन्यजीव पेयजल के लिए चिलचिलाती धूप में इधर से उधर भटक रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी अभी तक आंखें मूंदे बैठे हैं।
शुक्रवार को भास्कर ने बालेर रेंज के मुख्य जलस्रोतों को देखा तो वन्यजीवों की प्यास बुझाने के सभी संसाधन पूरी तरह सूख चुके थे। वन्यजीव तपती दुपहरी में पानी की तलाश में इधर से उधर भटक रहे थे, लेकिन विभागीय नुमांइदे रोज वन्य क्षेत्र की गश्त करने की रोज फॉर्मेल्टी कागजों में दर्ज करते हैं। इनकी जानकारी में होने के बावजूद की बालेर रेंज के सभी प्राकृतिक जलस्रोत सूख चुके हैं तो मार्च के महीने मे शुरू होने वाली टैंकरों से पानी की सप्लाई आज तक भी शुरू नहीं हो पाई है।
आगे क्या
रणथंभौर के जंगलों में वन्यजीवों के लिए गहरा रहा पानी का संकट परेशानी का सबब बना है। पेयजल समस्या का जल्द िनदान नहीं किया गया तो वन्यजीव अपनी प्यास बुझाने के लिए आबादी की ओर आएंगे। इससे कस्बे व शहरों में रहने वाले लोगोंे के लिए ये घातक सिद्ध होंगे।
बालेर रेंज के गुर्जर तालाब- सास-बहू की तलाई- भैरूजी का तालाब- चोर झरना व गौरी सागर सहित 12 से ज्यादा प्राकृतिक जलाशयों में नहीं बचा पानी
रणथंभौर अभयारण्य में पानी की कमी से टूट रहा है दम
नुमाइंदे जानबूझकर अनजान
बालेर रेंज में विचरण करने वाले हिंसक वन्यजीव जंगल में पानी की तलाश में यहां-वहां भटकने के बाद इनका रुख कस्बे के नैनीताल तालाब की ओर रहता है। सभी जानवर वन्य क्षेत्र में भटकने के बाद यहां आकर अपनी प्यास बुझाते हैं। गत दिवस बालेर-खिदरपुर सड़क मार्ग पर पैंथर के पगमार्क ग्रामीणों द्वारा देखे गए। इसी तरह जंगलों में पानी की भीषण समस्या के चलते वन्यजीवों का मूवमेंट गांवों की तरफ होने से कभी भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है, लेकिन विभागीय नुमाइंदे सब कुछ जान कर भी अनजान बने हुए हैं।
बालेर रेंज में पूरी तरह सूख चुके जलस्रोत
पानी के लिए कर रहे हैं प्रयास
वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए बने प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल गुर्जर तालाब, सास-बहू की तलाई, भैरूजी का तालाब, चोर झरना, गौरी सागर सहित एक दर्जन से ज्यादा प्राकृतिक जल स्रोत गत वर्ष बारिश की बेरुखी के चलते सूखे पड़े हैं। बरसात के मौसम में इनमें पानी होने से वन्यजीवों अपनी प्यास बुझाते थे, लेकिन इस वर्ष ये सब सूखे पड़े हैं और विभागीय अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बालेर रेंज के क्षेत्रीय वन अिधकारी जोधराज सिंह राजावत ने बताया कि बालेर रेंज के जंगलों में वन्यजीवों के पानी की समस्या समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं।