बालेर की पहाड़ियों में धड़ल्ले से हो रहा पत्थरों का अवैध खनन
बालेर. अष्टभुजा देवी माता की घाटी के पास अवैध खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली में पत्थर भरते हुए।
बालेर | रणथंभौर अभ्यारण्य की बालेर रेंज में खनन माफियाओ की दबंगई ने प्राकृतिक वन सम्पदा को उजाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कभी सघन वन सम्पदा से आच्छादित ऊंची-ऊंची पहाड़िया अब खनन के चलते दोहन से बदरूप नजर आने लगी है। सरकार वन सम्पदा के दोहन को रोकने के लिए लोगों को निःशुल्क गैस कनेक्शन बाट रही है, फिर भी लोग कुल्हाड़ी थामे जंगलों की ओर रुख कर रहे हैं। रणथंभौर अभ्यारण्य की बालेर रेंज में बालेश्वर, बिल्वेश्वर, सांगरडा के पीछे, चोर झरना, गुर्जर तालाब, पन्ना का खाळ सहित वन क्षेत्र में खनन माफियाओं द्वारा प्राकृतिक वन सम्पदा के साथ जमकर खिलवाड़ करते देखे जा सकते हैं। रणथंभौर अभ्यारण्य की बालेर रेंज में अवैध खनन के हथौड़ों की गूंज व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का शोरगुल आखिर जंगल में भी वन्यजीवों को सकून से नहीं रहने दे रहा है। विभागीय नुमाइंदे खनन माफियाओं पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। कारण जो भी हो अवैध खनन की मार के चलते वन्य सम्पदा को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं वन्यजीवों पर भी संकट मंडरा रहा है।