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कुख्यात अपराधी खरताराम की स्काॅर्पियो का पंक्चर बनवाने वाले दोनों युवकों को पुलिस ने छोड़ा

3 वर्ष पहले
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मामले से जुड़े आवश्यक दस्तावेज मंगलवार को पहुंच गए हैं। जांच शुरू कर दी है। मामले से जुड़े सभी तथ्यों का अवलोकन करने के बाद मौकास्थल की तस्दीक की जाएगी। साथ ही संबंधित पक्षकारों के भी बयान कलमबद्ध हाेंगे। आवश्यक होने पर बयानों के लिए बुलाने के लिए नोटिस भी जारी किए जाएंगे। - डॉ. भास्कर विश्नोई, एसडीएम, बाली

भास्कर ने प्रकाशित की थी खबर, मंगलवार सुबह घर पहुंचे दोनों युवक- पुलिस ने उठाया था खरताराम के आत्महत्या प्रकरण में

तीन दिन से न कोई केस दर्ज, न परिजनों को बताया, पुलिस के अनुसार गवाह बनाने के लिए लाए थे थाने पर

भास्कर संवाददाता | पाली

बाड़मेर के हार्डकोर अपराधी व कुख्यात डोडा तस्कर की पुलिस मौजूदगी में अपनी ही रिवाल्वर से आत्महत्या करने के मामले में पुलिस पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए दोनों युवक मंगलवार सुबह अपने घर पहुंच गए। नाडिया भीमाणा गांव के दो युवक रामाराम गरासिया तथा किशनलाल सरगरा अपनी जीप में आरोपी तस्करों के पंक्चर हुए वाहनों के टायर बनवाने पिंडवाड़ा गए थे। दोनों को वापस लौटते वक्त पुलिस ने पकड़ लिया था। इन दोनों के इस मामले में अहम गवाह होने के चलते पुलिस ने आवश्यक पूछताछ के लिए बैठा रखा था। दोनों के 4 दिन से घर नहीं लौटने के कारण परिजन काफी चिंता में थे। इधर, मंगलवार को पुलिस ने न्यायिक जांच के लिए बाली एसडीएम डॉ. भास्कर विश्नोई को दस्तावेज सौंप दिए हैं। इसके आधार पर उन्होंने जांच शुरू की।

जानकारी के अनुसार तस्कर खरताराम व भजनलाल की नाकेबंदी के दौरान स्काॅर्पियो के दो पहिए पंक्चर होने के बाद तणी के समीप एक गली में जीप को देखकर अपनी स्काॅर्पियो वहीं खड़ी कर दी। इसके बाद जीप मालिक रामाराम गरासिया को नींद से जगाकर उसे पंक्चर निकलवाने के लिए रुपयों का लोभ दिया था। इस पर रामाराम ने जीप चालक किशन सरगरा को बुलाया और उसके साथ पंक्चर पहियों को लेकर पिंडवाड़ा गए। जीप से वापस आते वक्त पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था। इन युवकों के बताए ठिकाने के आधार पर पुलिस पहुंची तो खरताराम व भजनलाल वहां से पहाड़ी क्षेत्र में भाग गए थे। इन दोनों युवकों ने पूछताछ में बताया था कि पंक्चर बनाकर लाने के बदले उनको 3-3 हजार रुपए दिए गए थे। यह दोनों युवक उस वक्त के बाद से सोमवार रात तक घर नहीं पहुंचे थे।

न्यायिक जांच के लिए पुलिस की पत्रावली बाली एसडीएम डॉ. भास्कर विश्नोई के पास पहुंची, जांच शुरू, मामले से जुड़े सभी पक्षकारों के होंगे बयान

भास्कर की खबर के बाद दोनों युवकों को छोड़ा

रामाराम सरगरा के पिता मानाराम सरगरा व किशन के पिता कालूराम गरासिया ने अपने बेटों के पुलिस के पकड़कर ले जाने तथा वापस नहीं छोड़ने या गिरफ्तारी के बारे में जानकारी नहीं देने पर भास्कर से बात की थी। इस पर मंगलवार के अंक में समाचार प्रकाशित किया गया। मंगलवार सुबह ही दोनों को छोड़ दिया गया। रामाराम सरगरा के पिता मानाराम सरगरा ने मोबाइल पर बताया कि सुबह उनका बेटा घर पहुंच गया है। वे पुलिस के पास ही थे।

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