शरीर पर लोहे की कील लगाकर 60 फीट ऊंचे खंभे पर झूले शिव भक्त
टाटा सिजुआ 12 नंबर स्थित गौरी शंकर धाम और बांस कपुरिया खेपा बाबा मंदिर में शनिवार को चड़क पूजा धूमधाम के साथ मनाई गई। टाटा सिजुआ में शिव भक्त शरीर पर कील लगाकर 60 फीट ऊंचे लकड़ी के खंभों के सहारे झूले। वहीं बांस कपुरिया में श्रद्धालु व परिजनों ने पारंपरिक ढंग से भगवान शिव की आराधना की। शुक्रवार को श्रद्धालुओं मंदिरों में रात्रि जागरण किया। इस दौरान भगवान शिव के जयकारे से पूरा इलाका गूंज उठा। इससे पूर्व जोरिया नदी में पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ढोल-नगाड़े की धुन पर शिवभक्त खाली पैर तपती गर्मी में झूमते हुए मंदिर तक आए। घर की महिलाओं ने खूंटे के पास सिर पर लोटा लेकर पूरे समय तक खड़े रहकर भगवान शिव की आराधना की। चड़क पूजा को लेकर श्रद्धालु व आम लोगों में खासा उत्साह देखा गया। परसिया के विनोद कर्मकार ने शिवभक्तों के शरीर पर कील लगाया। मौके पर पूर्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो, रेल एसपी एचपी जनार्दनन, पार्षद सह जिला 20 सूत्री सदस्य धर्मेंद्र कुमार महतो, विधायक प्रतिनिधि सोनू श्रीवास्तव, एनएन महतो, बसंत महतो, पेमिया किड्स कैंपस के निदेशक दिनेश महतो, कार्तिक तिवारी, कृष्णा महतो, सुमित महतो, मिनी महतो, राजू महतो आदि थे। टाटा सिजुआ में श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। पूर्व पार्षद प्यारेलाल महतो के परिजन और पार्षद धर्मेंद्र कुमार महतो की ओर से अलग-अलग स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शर्बत, चना, फल, दही आदि की व्यवस्था की गई थी। इधर, भक्तों के बीच पूर्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो ने धोती, गंजी व गमछा का वितरण किया।
पीठ और हाथ में कील लगाकर बैलगाड़ी को खींचा
राजगंज : बागदाहा में शनिवार को चड़क पूजा का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रद्धालु अपने शरीर पर लोहे की कील लगाकर उंचे खूंटे के सहारे झूले। एक भक्त ने अपने पीठ व हाथ में कील लगाकर उससे बैलगाड़ी खींच कर सबको चकित कर दिया। इस मौके पर टुंडी विधायक राजकिशोर महतो ने कहा कि चड़क पूजा पूर्ण रूप से शक्ति व भक्ति का परिचायक है। इस पूजा के दौरान भोक्ता भगवान शंकर की भक्ति में इतना लीन हो जाते हैं की अपने शरीर में लोहे की मोटी मोटी कील लगाने के बाद भी उन्हें दवा की जरूरत नहीं पड़ती है। मौके पर शंकर किशोर महतो, पंचायत समिति सदस्य गायत्री देवी, हलधर महतो,शेखर महतो,नरेश महतो आदि थे।
मंदिर परिसर में रातभर छऊ नृत्य का आयोजन
महुदा : महुदा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में चड़क पूजा हर्षोंल्लास के साथ संपन्न हुआ। क्षेत्र के नगदा स्थित कमलिया शिव मंदिर प्रांगण में आयोजन को लेकर गहमा गहमी रही। 20 भोक्ता अपनी पीठ पर लोहे की कील लगाकर उंचे खूंटे के सहारे झूले। इस दौरान मंदिर प्रांगण में चारों ओर मेला का माहौल बना रहा। इससे पूर्व पूजा समिति द्वारा शुक्रवार की रात मंदिर परिसर में छऊ नृत्य का आयोजन किया गया। मौके पर समिति के कमल महतो, लालचंद महतो, आनंद महतो, अभिमन्यू महतो, अनिल महतो, भरत महतो, भोला रजक, शंकर राय, दशरथ देशवाली, बसंत हजारी आदि थे।
टाटा सिजुआ में खंभे के सहारे झूलते शिव भक्त।
पुटकी में धूमधाम के साथ हुई चड़क पूजा
पुटकी में चड़क पूजा के दौरान छाती, जीभ व बांह में कील गाड़े शिवभक्त।
पुटकी|धोबनी में शनिवार को वर्षों पुरानी चड़क पूजा धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर करीब सौ की संख्या में भोक्ताओं ने करीब 40 फीट ऊंचे खंभे पर शरीर में कील गाड़कर नाक से 11 बार तक परिक्रमा की। इसमें 16 साल से लेकर 60 साल के भोक्ता शामिल थे। धनेश्वर महतो पिछले 30 साल से भोक्ता बन रहे। कई ऐसे भोक्ता थे जो जीभ, दोनों छाती, बांह, पैर की कील गाड़े हुए थे। पूजा में धोबनी, मुनिडीह, सियालगुदरी आदि गांवों के हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। धोबनी स्थित शिव-पार्वती मंदिर में गुरुवार को आम दाल से फलाहार पूजा की गई। शुक्रवार की रात पुरुलिया व धोबनी के कलाकारों द्वारा छऊ नृत्य पेश किया गया। रविवार को मन्नत पूरा होने वाले व्यक्ति के साथ-साथ पूजा कमेटी व ग्रामीणों द्वारा बलि दी जाएगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में पंचानंद महतो, श्रष्टीधर महतो, कमलाकांत महतो आदि ने सहयोग दिया।
बलियापुर में धूमधाम से हुई चड़क पूजा
बलियापुर|चैत संक्रांत के अवसर पर आयोजित श्रद्धा एवं विश्वास का अद्भुत पर्व चड़क पूजा शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। शिव भक्त उपवास पूरा कर भोले नाथ शिव शंकर एवं माता पार्वती की पूजा अर्चना की। आस्था के इस पर्व पर शिव भक्तों ने अपने शरीर में लोहे की कील चुभोकर 40 फीट की ऊंचाई लकड़ी के खंभे के सहारे घूमकर भगवान शिव की आस्था व विश्वास दिखाएं। शिव भक्त अपने शरीर में कील चुभोकर पीड़ा दर्द से बेखबर नाचते गाते आनंद से ओतप्रोत बूढ़ा बाबा की जय जयकारा लगाते रहे। चड़क पूजा में शिव भक्तों द्वारा मन्नत मांगने की भी परंपरा देखी जाती हैं। छाताबाद, समलापुर, घड़बड, ढोकरा, बाघमारा सिंदूरपुर, रघुनाथपुर आदि गांवों में चड़क पूजा को लेकर दिन भर मेला का दृश्य बना रहा।
तेलमोच्चो में आर्केस्ट्रा का आयोजन
महुदा|चड़क पूजा के अवसर पर तेलमोच्चो शिव मंदिर प्रांगण में पूजा समिति द्वारा आर्केष्ट्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गायक कैलाश देहाती एवं सतीश दास ने एक से बढ़कर एक गाना सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया। श्रोता रात भर खोरठा, हिंदी व बंगला गीतों का आनंद लेते रहे। कार्यक्रम का उदघाटन महुदा थानेदार हरि किशोर मंडल ने फीता काटकर किया। गायक कैलाश देहाती ने भोले ओ भोले से कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद दोनों गायकों ने प्यार केर मोती हेराय देलें गे, काहे साथी तोंय हामरां भुलाय देलें गे, तोर हामर जोड़ी धनी, ए तोर लाल साड़ी झलके, साइकिल से आया सनम आदि गाना प्रस्तुत कर श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया। ऑरगेन में मट्ठू, पैड में विष्टु, नाल में विकास ने संगत किया। उदघोषक आजम ने चुटकुला सुनाकर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। आयोजन को सफल बनाने में संतोष महतो, रोजगार सेवक निमाई महतो, रंजीत महतो, मुखिया चक्रधारी आदि का योगदान रहा।