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बलियापुर और सिंदुरपुर जोड़िया के पत्थर माफियाओं से मुक्ति के लिए बनी जांच टीम

3 वर्ष पहले
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खबर छपने के बाद जिला प्रशासन हुआ रेस

डीबी स्टार. बलियापुर

बलियापुर सिंदूरपुर दूधिया जोडिय़ां से हजारों किसानों का पालन होता है। जोड़िया का अस्तित्व खतरे में है। जोड़िया पर पत्थर तस्करों की गिद्ध दृष्टि लग गई है। पत्थर तस्करों के कारण जोड़िया में बने दर्जनों चेक डैम सुख गए हैं। उक्त क्षेत्र में रहने वाले किसान परेशान हैं। किसानों के पास खेती के लिए एक मात्र साधन है। उक्त मामले को डीबी स्टार ने प्रमुखता से 12 मई छापा था। प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले में जांच टीम गठित कर दी है। जांच की जिम्मेवारी बलियापुर के सीओ आशुतोष ओझा को सौंपी गई है। मंगलवार को बलियापुर सीओ ने जोड़िया का निरीक्षण किया। किसानों को इस बात की जानकारी जैसे ही लगी वे खुशी से झूम उठे। सीओ श्री ओझा ने भी किसानों के साथ न्याय करने की बात कहीं। लेकिन एक सवाल सबो के जेहन में उठ रहा है कि क्या पत्थर तस्करों के पहुंच और पैरवी के सामने किसान टिक पाएंगें। कारण इसके पूर्व भी जोड़िया को बचाने के लिए पत्थर माफिया पर कार्रवाई करने की बात सामने आई थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। अवैध उत्खनन रूकने की बजाय बढ़ा ही है। वैसे इस बार किसानों के साथ जोडिय़ां बचाओ अभियान जैसे ताकतवर संगठन का साथ मिल रहा है। सिंदूरपुर के ग्रामीणों ने भी जोडिय़ां बचाओ अभियान के तहत जोडिय़ां में एक दिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया था। प्राकृतिक संपदा सिंदूरपुर दूधिया जोडिय़ां एकमात्र सिंचाई संसाधन का सहारा है। बस्ती के अगल-बगल के गावों के कुआं, तालाब, चापानल का जलस्तर तेजी से गिरने लगा है। बेड़ा नियामतपुर, घाघ जोडिय़ां, सेरियाभीठा, दारदाहा, पहाड़पुर ग्राम के जोडिय़ां के किनारे पत्थर उत्खनन कार्य की जाती हैं। जबकि ग्रामीण एवं किसान हित को देखते हुए पत्थर लीज रिन्युअल में ग्राम सभा में पारित होने के उपरांत ही लीज रिन्युअल किए जाने का प्रावधान है।

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