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सीमा विवाद में ट्रैक पर 18 घंटे पड़ा रहा युवक का शव

3 वर्ष पहले
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बरौनी कटिहार रेल-खंड के लखमिनियां रेलवे स्टेशन से पश्चिम, ट्रेन से कटकर एक छात्र की मौत होने के बाद 18 घंटे तक उसका शव ट्रैक पर ही रखा रहा गया। सीमा विवाद के कारण ना तो बलिया थाने की पुलिस ने शव को उठाया और ना ही जीआपी ने। पूछने पर दोनों ने कहा कि यह उनके क्षेत्र का मामला नहीं है। हलांकि बलिया थानाध्यक्ष ने शव की देखरेख के लिए एक होमगार्ड को तैनात कर दिया था। साथ ही इस ताक में थे कि शव को जीआरपी उठवा ले। इस दौरान वे 18 घंटे तक झूठ बोलते रहे कि यह उनका क्षेत्र नहीं है। बेगूसराय जीआरपी और बलिया थाना के बीच इसी सीमा विवाद के कारण शुक्रवार की शाम से ही शव उसी तरह ट्रैक पर पड़ा रहा, आखिर जब जीआरपी ने भी शव को नहीं उठाया और शनिवार को यह खबर प्रकाशित हुई तो बलिया थाने की पुलिस ने उसे उठाकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। इस दौरान किसी ने भी उस युवक के पहचान के लिए किसी तरह का प्रयास नहीं किया। शनिवार को जब अखबार में यह खबर छपी तो मृतक की बहन ने खबर को पढ़कर अपने बड़े भाई को फोन कर रेलवे ट्रैक एक छात्र की मौत की सूचाना दी। इसके बाद बड़ा भाई राकेश कुमार शव को देखने ट्रैक पर पहुंचे तो अपने ही छोटे भाई को मृत पाया। इसके बाद उसने अपने परिवार के अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी। परिजनों ने बताया कि अखबार में छपी खबर के अनुसार थाना पहुंचा जहां से मृतक की पहचान के लिए हम लोगों को शव के पास भेजा गया तो देखने पर शव की पहचान कर ली गई। मृतक के बड़े भाई राकेश कुमार ने बताया कि मृतक नीतीश कुमार जीडी कॉलेज के स्नातक पार्ट 2 का छात्र था। शुक्रवार को एसबीएसएस कॉलेज में प्राचीन इतिहास की परीक्षा देकर मंझले भाई सत्येंद्र कुमार के साथ घर आया।

एसपी की पहल पर बलिया पुलिस ने उठाया शव

ट्रैक पर शव को देखने जुटी लोगां की भीड़। इस दौरान शव से बदबू आ रही थी।

प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करता था छात्र

मालूम हो कि बलिया थाना क्षेत्र के पहाड़पुर पंचायत के तुलसीटोल गांव निवासी लालबहादुर यादव के 21 वर्षीय पुत्र नीतीश कुमार बेगूसराय में रहकर कंपटीशन की तैयारी कर रहा था। आगे की तैयारी वह पटना में करना चाहता था। इसी बात को बताने वह शुक्रवार को बेगूसराय से अपने घर तुलसीटोल गया था। घर में जब उसने यह बात बताई तो लेकिन घर वाले बेगूसराय में ही रहकर अभी पढ़ाई करने को कहा जिसपर नीतीश वह बेगूसराय स्थित डेरा पर जाने की बात कहकर घर से निकल गया। लेकिन शनिवार को अखबार में खबर छपने के बाद उसकी मौत की खबर घर पहुंची। मृतक तीन भाई एवं एक बहन था मृतक भाई मैं छोटा था एवं इसके पिता दूध का व्यवसाय करता है।

सूचना मिली थी : स्टेशन मास्टर

लखमिनियां रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर संजय कुमार ने बताया कि समस्तीपुर कटिहार डाउन सवारी गाड़ी के चालक ने गुमटी नंबर 36 के पश्चिम एक युवक की ट्रेन से कट जाने की सूचना दी थी। जिसके बाद इसकी जानकारी जीआरपी बेगूसराय एवं स्थानीय पुलिस को दे दी गई। जीआरपी बेगूसराय का कहना है कि स्टेशन परिसर ही मेरा क्षेत्र है, उसके बाहर का क्षेत्र स्थानीय थाना के क्षेत्राधिकार में आता है। यही बात जब बलिया थाना अध्यक्ष सुनील कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह उनके क्षेत्र में नहीं आता है। यह क्षेत्र जीआरपी के अन्तर्गत आता है। इसलिए शव उठाने की जिम्मेदारी जीआरपी की बनती है। हांलाकि बलिया थानाध्यक्षक को यह पता था कि यह उन्हीं का क्षेत्र है। संजय कुमार, स्टेशन मास्टर

पोस्टर्माटम के लिए भेजा है : एसपी

एसपी आदित्य कुमार ने कहा कि यह क्षेत्र जीआरपी के अन्दर आता है। कल ही जीआरपी को सूचना दी गई थी, लेकिन उसने नहीं उठाया जिसके बाद शनिवार को मेरे आदेश पर बलिया थाना की पुलिस ने शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय भेजा गया। आदित्य कुमार, एसपी

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