बलिया के बुद्धिजीवी, लेखक, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ने वाले जनसंघ के पुरोधा बलिया बाजार निवासी 96 वर्षीय मकेश्वर मिश्र का निधन हो गया। उन्होंने आजीवन अविवाहित रहकर सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने बलिया बाजार स्थित अपने पैतृक घर में अंतिम सांसे ली। साठ के दशक में बलिया में जनसंघ की स्थापना काल से मकेश्वर मिश्र जुड़े रहे। वे 1980 में भाजपा में शामिल हुए थे। पूर्व में यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध रहे।
बलिया निवासी द्वारिका प्रसाद सिन्हा की पहल पर यहां जनसंघ की स्थापना हुई थी। आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। मकेश्वर मिश्र के निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र के बुद्धिजीवियों एवं राजनीतिक दल के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचने लगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बेगूसराय के जिला कार्यवाहक राजेश कुमार राजू, विभाग प्रचारक अरविंद कुमार, साहेबपुर कमाल भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अमर कुमार सिंह, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष राकेश रौशन उर्फ मुन्ना, गौरव कुमार, सोनू पोद्दार, गौतम सिन्हा, शक्ति साह, शीला सिन्हा सहित कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके पैतृक निवास स्थान पहुंचकर माल्यार्पण करते हुए श्रद्धांजलि दी। इसकी जानकारी देते हुए डॉ. जेपी अग्रवाल, राजकुमार प्रसाद, अशोक रस्तोगी ने बताया कि बलिया के सेठानी उच्च विद्यालय के स्थापना काल से ही उनके सदस्य रहे हैं। समाज के व्यक्तियों को अपनी लेखनी के माध्यम से विरोध कर उसे सही रास्ते पर लाने के लिए जीवन पर्यंत लगे रहे कुछ दिनों से वे अस्वस्थ चल रहे थे।
सीपीआई नेता के निधन पर शोक
नावकोठी| प्रखंड क्षेत्र के हसनपुर बागर के सीपीआई कार्यकर्ता श्रीनारायण सिंह के निधन की खबर से वामपंथी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। वे लंबे समय से बीमार थे। वे अंतिम सांस अपने निवास स्थान पर लिए। इनके पार्थिव शरीर पर पार्टी का झंडा देकर श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि देने वालों में अंचल मंत्री चंद्रभूषण चौधरी, जितेन्द्र कुमार, गणेश महतो, सियाराम महतो, राजीव कुमार, अंजनी सिंह, अंगद सिंह, मुखिया सह राजद नेता विजय कुमार, पूर्व मुखिया मुक्ति नारायण सिंह सहित अन्य वामपंथी नेतागण थे। वे 1972 से आजीवन सीपीआई के सक्रिय पार्टी सदस्य थे।