दमकल मिले चार साल बीते, लेकिन आग बुझाने में अमला आज तक ट्रेंड नहीं हुआ
नगर पालिका में चार साल से बिना सेटअप के फायर ब्रिगेड चल रहा है। शासन से अलग से फायर स्टेशन की स्थापना नहीं हो पाई है।
पालिका के आठ प्लेसमेंट कर्मचारियों के भरोसे जिले में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था संभाली जा रही है। इन कर्मचारियों को आज तक पालिका या शासन ने कोई ट्रेनिंग भी नहीं दी है। बिना प्रशिक्षण के ही कर्मचारी काम देख रहे हैं। ऐसे में शहर या जिले में कहीं भी बड़ा हादसा होता है तो लोगों की जान माल खतरे में पड़ सकती हैं।
जिले को कई सालों की मांग के बाद नगर पालिका में 32 लाख की लागत से मई 2014 में शासन से फायर ब्रिगेड मशीन मिली है। इसके पहले भिलाई व दल्लीराजहरा बीएसपी के फायर ब्रिगेड के भरोसे रहना पड़ता था। अक्सर गर्मी में आग लगने की घटना ज्यादा होती है।
बड़ी घटना में समय पर आग नहीं बुझा पाने से हो जाता है नुकसान
फैक्ट फाइल
वर्ष आग लगने के केस
2014-15 40
2015-16 39
2016-17 33
2017-18 31
2018-19 02
फायर स्टेशन में 16 स्टाफ होते, यहां नपा के 8 कर्मियों से चल रहा काम
फायर स्टेशन में प्रभारी को छोड़कर 16 स्टाफ नियुक्त रहता है। पर नगर पालिका से संचालित फायर ब्रिगेड की सुविधा 8 स्टाफ के भरोसे है। ये कर्मचारी पहले शहर में विभिन्न स्थानों पर रोजी मजदूरी या कॉलेज में पढ़ते थे। गाड़ी मिलने के बाद पालिका ने इनकी प्लेसमेंट नियुक्ति की है। कम स्टाफ होने से अभी एक ड्राइवर, तीन फायर मैन के साथ 12-12 घंटे की ड्यूटी लगती है। बिना ट्रेनिंग के कर्मचारियों को आग बुझाने में काफी वक्त लगा है।
खेत, पैरावट दुकानों में लगती रहती है आग
करकाभाट शकर कारखाना और पाकुरभाट के राइस मिल में वर्ष 2015 को आग लग चुकी है। इसी प्रकार शहर के गंजपारा में ऑटो दुकान, यूनियन बैंक, दल्ली चौक रुई गोदाम, नयापारा में गन्ने की फसल, आदर्श विवाह के दौरान स्टेडियम के पंडाल में, बरही स्कूल में गैस चूल्हा में आग लगी थी।
प्रशिक्षण दिलाना जरूरी, मांग करेंगे स्टेशन भी बनना चाहिए: चोपड़ा
नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने कहा कि चार साल से शासन ने इन फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को कोई प्रशिक्षण नहीं दिया है। ऐसे में बड़ी घटना होने पर कभी भी इनके व लोगों के लिए मुसीबत हो सकती है। हालांकि अब तक ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। जिसे कर्मचारी संभाल न पाए हो। शासन को पत्र लिखकर अलग से फायर स्टेशन की स्थापना व उन्हें प्रशिक्षण दिलाने मांग करेंगे। ताकि हर खतरे से निपटने के लिए कर्मचारी तैयार रहे।
आंकड़ों से समझें घटनाओं को
80%
80 फीसदी केस पैरावट, खरही में आग लगने की
20 फीसदी केस गन्ना खेत में आग लगने की
10 फीसदी अन्य केस, दुकान, मकान, राइस मिल, शकर कारखाना के
20%
10%
शहर में फ्री, गांव के लिए प्रति किमी 30 रु. किराया
नगर पालिका क्षेत्र में कहीं भी आग लगे तो उसे बुझाने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। पर यही फायर ब्रिगेड शहर से बाहर जाए तो 30 रुपए प्रति किमी के हिसाब से पीड़ितों को किराया देना पड़ता है। लोगों को पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 07749-223807 पर फोन करना पड़ता है। सूचना मिलने के बाद पांच मिनट के भीतर गाड़ी शहर से रवाना होती है। मशीन की टंकी में 4500 लीटर पानी भरा रहता है। इस फायर ब्रिगेड का दायरा 40 किमी तक है। ऐसे में दूर के गांव में पड़ोसी जिले से फायर ब्रिगेड आती है।