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बारिश से शहर के वार्डों व 12 गांवों में बिजली बंद, पेयजल के लिए तरसे लोग
द्रोणिका व चक्रवात का असर बालोद शहर सहित आसपास गांवों में शनिवार को भी जारी रहा। अलसुबह 4 से 5.30 बजे तक गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। शनिवार को दिन का तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह बारिश थमने के बाद बादलों और धूप की आंख मिचौली होती रही। कभी धूप निकल आती थी तो कभी बादल छा जाते थे। इस बारिश से गर्मी से राहत तो मिली लेकिन लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई। शहर के कई वार्डों में बिजली बंद चालू होती रही। तेलंगाना से दक्षिण भारत में बने द्राेणिका के चलते बालोद में मौसम परिवर्तन हो रहा है।
बिजली बंद होने से लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ा। बालोद शहर के कई वार्डो में सुबह 7 बजे तक नल से पानी नहीं आया तो टैंकर से पानी सप्लाई की गई। गांवों में टंकी व मोटरपंप के माध्यम से लोगों को पानी सप्लाई की जाती है। लेकिन बिजली बंद होने से मोटरपंप चालू नहीं हो पाया। इस वजह से लोग गांव में लगे हैंडपंप में पानी लेने के लिए पहुंचे। बारिश व तेज हवा से जनजीवन प्रभावित रहा।
बिजली पोल पर करंट फैला, मवेशी की मौत, बड़ा हादसा टला
बालोद. बारिश व तेज हवा चलने के कारण आमापारा वार्ड में पोल पर करंट फैलने के बाद बिजली कंपनी के कर्मचारी फाल्ट सुधारते रहे।
सुबह व शाम गुल रही बिजली
सीएसईबी के ईई वीके डहरिया ने बताया कि शहर के कुछ वार्डों में बारिश होने के दौरान सुरक्षा के लिहाज से बिजली बंद रही। अब सब सामान्य हो चुका है। गांवों में दोपहर तक व्यवस्था सुधर गई। कृषि उपसंचालक यशवंत केराम ने बताया कि ज्यादातर जगहों में चना व गेहूं फसल कट चुकी है, किसान मिंजाई कराकर उपज सुरक्षित रख चुके हैं।
क्या है द्रोणिका का असर
मौसम केंद्र रायपुर के वैज्ञानिक उमेश पांडेय ने बताया कि दक्षिण पश्चिम क्षेत्र से नमी के साथ गर्म हवा व उत्तर पूर्वी क्षेत्र से ठंडी हवा आती है। दो अलग-अलग तरीके के वायुमास्क मिलते है। जो आपस में मिलकर द्रोणिका बनाते हैं। नमी के कारण तापमान बढ़ता है और एक-दो घंटे में ही बादल बन जाते हैं। जिससे बारिश होती है।
आमापारा वार्ड में बिजली पोल में करंट आ गया। जिससे एक मवेशी की मौत हो गई। सर्विस तार कटने की वजह से पोल में करंट फैला था। पार्षद सुनीता बिल्ला मनहर ने बताया कि बलराम यादव के घर के पास पोल में करंट आने से गाय की मौत हो गई। सुबह उठकर देखा तो मालूम हुआ, गाय को मरे देखकर बिजली कंपनी को सूचित किया। तब बिजली बंद करके फाॅल्ट सुधारा गया। उस जगह लोगों का आना-जाना लगा रहता है, बड़ा हादसा टला।
फॉल्ट ढूंढते रहे कर्मचारी
बघमरा, मेड़की, ओरमा, खरथुली, भोथली सहित आसपास के 10 गांवों में सुबह 4.30 से दोपहर 1 बजे तक बिजली बंद रही। कर्मचारी सुबह से फाॅल्ट सुधारते नजर आए लेकिन लोगों को दोपहर में ही राहत मिल पाई। सरपंच रुखमणी साहू, नोहर मंडावी ने बताया कि देर शाम तक बिजली बंद और चालू होती रही।
आज से साफ रहेगा मौसम
शहर में दो दिन से जारी बूंदाबांदी और बादलों का दौर रविवार से थमने के आसार है। मौसम वैज्ञानिक पोषण देवांगन का कहना है कि अभी तीन-चार दिन हवा में नमी बनी रहेगी। दिन के तापमान में धीरे-धीरे इजाफा होगा। इसके बाद दिन में पारा 40 डिग्री पार भी पहुंचेगा। बादल छंटने लगेंगे, तापमान भी बढ़ेगा। सोमवार-मंगलवार से तेज गर्मी पड़ने की संभावना है।
गुरुर क्षेत्र में चना, गेहूं की फसल को नुकसान
गुरुर क्षेत्र के फागुन्दाह, पेंडरवानी सहित आसपास गांवाें में बेमौसम बारिश की मार चना व गेहूं फसल पर पड़ी। किसान भोजेश साहू, महेश कुमार ने बताया कि 6 एकड़ में चना व गेहूं लगाए हैं। पिछले सप्ताह से हो रही मौसम में उतार-चढ़ाव व बारिश के कारण नुकसान होगा। अभी फसल खेत में ही है। एक सप्ताह पहले ओला भी गिरे थे, इससे उबर नहीं पाए हैं कि अब तेज हवा के साथ बारिश ने बर्बाद कर दिया। बालोद शहर में शाम 6.20 से 7.30 बजे तक गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हुई। तेज हवा भी चली। 6.30 बजे से वार्डों में रुक-रुककर बिजली आती जाती रही। 12 गांवों में भी शाम 6.45 बजे से बिजली गुल रही।