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जिला अस्पताल में बिजली का ठिकाना नहीं, तीन माह से खराब पड़ा है जनरेटर

3 वर्ष पहले
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साढ़े सात करोड़ की लागत से बालोद-दल्ली राजहरा मार्ग पर बने 100 बिस्तर के जिला अस्पताल में बिजली का कोई ठिकाना नहीं है। कारण यह है कि जनरेटर तीन माह से खराब पड़ा हुआ है। अस्पताल में रखा जनरेटर शोपीस साबित हो रहा है। किसी को जानकारी न हो इसलिए प्रबंधन ने जनरेटर को छिपाकर रख दिया है। ताकि लापरवाही उजागर न हो सके। जब भी सब स्टेशन में फाल्ट आता है। बिजली कंपनी की ओर से सप्लाई बंद कर दी जाती है। इससे शहर के वार्डो सहित अस्पताल में भी बिजली गुल हो जाती है।

अस्पताल प्रबंधन ये तर्क लगाकर शांत बैठा है कि बिजली कभी-कभार बंद होती है। इससे कोई भी काम ज्यादा देर तक प्रभावित नहीं होता। लेकिन वास्तविकता मंगलवार को मालूम हो गई, जब चार घंटे बिजली बंद होने से लोगों व स्टाफ को परेशानी उठानी पड़ी। इसे भी विभागीय अफसर नजर अंदाज करते हुए कहते रहे कि 10 से 15 मिनट तक ही बिजली बंद हुई है।

बिजली गुल होने पर वार्डों में छा जाता है अंधेरा

बालोद. जिला अस्पताल में बिजली बंद होने पर मरीजों को होती है परेशानी।

वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर पा रहे अफसर

विभागीय अफसरों ने बिजली बंद होने के बाद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम डाॅ. रीना लक्ष्मी का कहना है कि जिला अस्पताल में जनरेटर की क्या स्थिति है, इस संबंध में सिविल सर्जन ही बता सकते हैं। आलम यह है कि जब बिजली बंद होगी तो यहां भर्ती होने वाले मरीजों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। वैसे भी गर्मी का दौर चल रहा है।

पुराने भवन से नया में शिफ्ट किया गया है

पुराने भवन में जब अस्पताल संचालित हो रहा था, तब से जनरेटर खरीदा गया है, जो काम नहीं कर रहा है। इसे ही नए भवन में शिफ्ट किया गया है। पुराने भवन में भी जनरेटर अनुपयोगी ही पड़ा हुआ था। तब मुंबई से तकनीकी कर्मचारियों को बुलाकर सुधरवाए थे। जो अब पहले जैसी स्थिति में है। आॅपरेशन व अन्य जरूरी कार्य बिजली बंद होने से प्रभावित होगा। इस ओर प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है।

बिजली बंद होने से ये काम होते हैं प्रभावित

1. लैब का काम, खून की जांच, 2. मशीनों से जांच की सुविधा

3. स्मार्ट कार्ड बनाने का काम बंद, आधार कार्ड लिकिंग काम बंद

4. बिजली गुल होने पर अस्पताल के हर वार्ड में अंधेरा छा जाता है। इससे इलाज करने में स्टाफ को परेशानी होती है।

अनदेखी: पहले से जनरेटर खराब हो चुका है, अब इसे जल्द सुधरवाने के दावे अफसर कर रहे हैं। साथ ही नए जनरेटर की मांग शासन से की गई है। अब तक कुछ नहीं हो पाया है। पुराने को सुधरवाने और नया जनरेटर मांग की योजना फाइलों में ही है।

सीधी बात| डाॅ. एसपी केशरवानी, सिविल सर्जन

जल्द सुधार ली जाएगी व्यवस्था

100 बिस्तर जिला अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था नहीं है?

- नहीं ऐसी बात नहीं है, जनरेटर है।

तो बिजली बंद होने पर इसका उपयोग क्यों नहीं किया जाता?

- कुछ दिन से जनरेटर खराब हो गया है, इसे जल्द सुधारेंगे।

बार-बार जनरेटर खराब होता है। बिजली बंद होने से लोग परेशान होते हैं?

- शासन को नए जनरेटर के लिए मांग पत्र भेज दिए हैं। बहुत जल्द व्यवस्था हो जाएगी।

तो जब तक जनरेटर सुधरेगा नहीं तब तक लोग परेशान होते रहेंगे, बिजली बंद होने पर वैकल्पिक व्यवस्था क्या है?

- अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं, जल्द ही व्यवस्था सुधर जाएगी।

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