लाखों रुपए चिटफंड में जमा संचालक भागे, न्याय की आस
एसडीएम साहब... सनसाइन नाम की एक चिटफंड कंपनी 10 साल पहले जिले के कई गांवों में कारोबार शुरू किया। 20 प्रतिशत कमीशन के लालच में सिकोसा के कई लोग इसमें एजेंट बन गए। 2 हजार से अधिक लोगों से लाखों रुपए जमा कराया। लेकिन जब पैसा लौटाने का समय आया तो चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर फरार हो गए। अब हमारे पास लोग पैसा मांगने आ रहे हैं। यह जुबानी है चिटफंड में फंसे एजेंटों की, पहले तो खुद लोगों को झांसा देकर पैसा लिए, चिटफंड कंपनी में जमा कराए, अब खुद न्याय के लिए अफसरों से गुहार लगा रहे हैं। मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी आपबीती बताई।
चिरांजलि बारले ने 20 लाख, राजकुमारी चंद्राकर ने 14 लाख, कविता चंद्राकर ने 12 लाख, चमेली बारले ने 2 लाख, दिव्याणी ने 11 लाख, चित्रेखा निषाद 7 लाख रुपए लोगों का जमा कराया था। कंपनी ने यह कहकर हमें एजेंट बनाया था कि जितनी राशि जमा होगी, उसका 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा। जिसके कारण एक-एक एजेंटों ने 500 से लेकर 800 लोगों से लाखाें रुपए जमा कराया था। जमा पैसा की परिपक्वता अवधि 2017 में पूरी हो चुकी है। तब पैसा लौटाने के पहले ही चिटफंड कंपनी के संचालक भाग गए।
अब एजेंट लगा रहे गुहार