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सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को पेशी के लिए कोर्ट आने-जाने की परेशानी से मिला छुटकारा

3 वर्ष पहले
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सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को पेशी के लिए कोर्ट आने-जाने की परेशानी से छुटकारा मिल गया। अस्पताल से ही उनकी पेशी हो जाएगी। विशेष परिस्थिति में कोर्ट के बुलाने पर ही उन्हें जाना पड़ेगा। बुधवार जिला अस्पताल में वीडियो कान्फ्रेंसिंग, वीसी का सेटअप लगने के बाद यह सुविधा शुरू हो गई है।

जिला अस्पताल में वीसी रूम बनाया गया है। कक्ष में एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। तय समय पर इसी कक्ष में डॉक्टरों की वीसी के जरिए पेशी होगी। यह सुविधा सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों के लिए है जो जिला अस्पताल से दूर व कोर्ट से नजदीक है।

अधीक्षक ओपी वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल की ऊपरी मंजिल में सिविल सर्जन के चेंबर के पास में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के लिए एक कक्ष बनाया गया है। जहां कम्प्यूटर, मॉनीटर, कैमरा लगाया गया है जो सीधे कोर्ट से जुड़ा हुआ है। पेशी के लिए डाॅक्टर कैमरे के सामने बैठकर जज के सवालों का जवाब देंगे। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के दौरान काेर्ट के जज व डाॅक्टर सीधे जुड़े रहेंगे। इससे समय की बचत होगी।

मेडिको लीगल मामलों को लेकर होती है पेशी

डॉक्टरों की कोर्ट में सबसे ज्यादा पेशी मेडिको लीगल मामलों को लेकर होती है। अकेले एक जिला अस्पताल की बात करें तो हर एक-दो दिन के अंतराल में डॉक्टरों की कोर्ट में पेशी होती है। सीएचसीए सिविल अस्पताल और पीएचसी के डॉक्टरों को मिला लें तो यह आंकड़ा दोगुना हो जाता है।

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