जहां 65 लाख रुपए का गबन वहां वसूली अधूरी
डौंडी ब्लाॅक के ग्राम पंचायतों में सोशल आॅडिट शुरू हो गया है। चरणवार तरीके से शासन की ओर से अधिकृत एजेंसी पंचायतों में सोशल आॅडिट करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर एसडीएम सहित अन्य अफसरों को सौंपेंगे। जिसके बाद बकाया राशि वसूलने की कार्रवाई होगी। हालांकि दो साल से गबन करने वाली पंचायतों से राशि वसूलने की कार्रवाई अधूरी रह गई है।
मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों के अंतर्गत सड़क, नाली, कुआं, तालाब, विद्यालय भवन मरम्मत, सामुदायिक भवन, मनोरंजन गृह, गोदाम जैसे विकास कार्यो के लिए शासन से जारी राशि को खर्च करना होता है।
खर्च नहीं कर पाते: आॅडिट में खुलासा हुआ कि ग्रामीण स्तरों में शासकीय कार्यों के लिए राशि स्वीकृत होती है। लेकिन सरपंच प्रतिनिधि शासकीय कार्य के लिए मिले पैसे का उपयोग तय समय में नहीं कर पाते। राशि तो समय पर निकाली जाती है लेकिन कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाता। इस स्थिति में राशि वसूलने का अधिकार राज्य शासन को है। राज्य शासन प्रशासनिक अधिकारियों के जरिए राशि की वसूली करता है।