पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 3200 हेक्टेयर रकबा में नहीं आ पाया तांदुला का पानी, तीन साल के बाद अब पूरी हुई नहर लाइनिंग

3200 हेक्टेयर रकबा में नहीं आ पाया तांदुला का पानी, तीन साल के बाद अब पूरी हुई नहर लाइनिंग

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पहले झलमला से पैरी नहर में लाइनिंग कार्य नहीं होने से किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया। जब छह करोड़ की लागत से लाइनिंग कार्य पूरा कराने में तीन साल लगे तो तांदुला में पानी कम रहा। इसलिए सिंचाई सुविधा का लाभ इस साल नहीं मिल पाया।

वर्ष 2015 में काम शुरू हुआ था। जिसे पूरा होने में विभागीय अफसरों की अनदेखी के कारण तीन साल लग गए। अफसरों का कहना है कि मार्च में काम पूरा होने के बाद अब कभी भी तांदुला का पानी गुंडरदेही ब्लाॅक के अंतिम छोर तक पहुंचेगा। लेकिन जिम्मेदार ये नहीं बता रहे हैं कब से, क्योंकि तांदुला में पानी ही नहीं है। लेटलतीफी के बाद शासन ने वर्ष 2017 के अंत तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन तय समय में काम पूरा नहीं हो पाया। तांदुला डैम का पानी बालोद व गुंडरदेही ब्लाॅक के अंतिम छोर (टेल एरिया) तक पहुंचाने 14 करोड़ 29 लाख 38 हजार रुपए की लागत से केनाल निर्माण व माइनरों की लाइनिंग कार्य चल रहा है। काम पूरा होने से पानी व्यर्थ नहीं बहेगा यानि कच्ची माइनर पक्की बनेगा। वहीं उन क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचेगा, जो अब तक बारिश के पानी पर आश्रित रहते थे।

राहुद फील्ड चैनल लाइनिंग का काम होगा: 49 लाख 57 हजार रुपए की लागत से तांदुला सिंचाई परियोजना के अंतर्गत ग्राम राहुद के कमांड में निर्मित फील्ड चैनल के शेष 80 प्रतिशत लाइनिंग कार्य होगा। इस कार्य के लिए 10 लाख का साख पत्र कार्यपालन अभियंता तांदुला जल संसाधन विभाग दुर्ग को जारी किया गया है।

हर खेत तक पानी पहुंचाने की योजना

1. झलमला-पैरी नहर लाइनिंग का काम

लागत:
6 करोड़

सिंचाई क्षमता में वृद्धि: 2 हजार 987 हेक्टेयर (कुल 5 हजार 227)

कितनांे को मिलेगा लाभ: तांदुला का पानी 18 गांवों के किसानों के खेतों में पहुंचेगा। तांदुला जलाशय की पैरी वितरक नहर एवं सुपकोना वितरक नहर की लाइनिंग एवं रिमाडलिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है।

2 हजार 240 हेक्टेयर सिंचाई सुविधा: जल संसाधन विभाग के एसडीओ सीएम मौरवी ने बताया कि विभिन्न निर्माणाधीन कार्यो से कुल 5 हजार 227 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई में वृद्धि करने का लक्ष्य निर्धारित है। अब लाइनिंग का काम पूरा हो गया है।

2. केनाल निर्माण नहर की लाइनिंग

लागत:
7.80 करोड़ रुपए

सिंचाई क्षमता में वृद्धि: 307 हेक्टेयर (1639.70 हेक्टेयर)

कितनांे को मिलेगा लाभ: सकरौद वितरक शाखा में 4 नग केनाल साईफन का निर्माण व गुरेदा माइनर एवं सब माइनरों की मरम्मत व नहर लाइनिंग कार्य होगा। सकरौद, खपरी सहित आसपास के 10 गांव से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।

खबरें और भी हैं...