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जिला अस्पताल में बचा सिर्फ 5 दिन का एंटी रैबीज डोज, रोजाना आ रहे 5 से ज्यादा केस

3 वर्ष पहले
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छग मेडिकल कॉर्पोरेशन द्वारा पिछले महीने से सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन की सप्लाई नहीं की जा रही है। इससे अब जिले के अस्पतालों में कुत्ते काटने के शिकार हुए लोगों को निशुल्क वैक्सिन नहीं मिल पा रहा। उन्हें मजबूरी में मेडिकल से 700 से 800 रुपए खर्च कर खरीदना पड़ रहा है।

रोज अस्पतालों में 5 या उससे ज्यादा केस आ रहे हैं। 4 महीने में अकेले जिला अस्पताल में 136 डॉग बाइट के केस आए। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अभी उनके पास सिर्फ 20 डोज बचा है। जिस हिसाब से केस आ रहा है, उसे लग रहा है कि डोज 5 दिन में खत्म हो जाएगा। शनिवार को ग्राम नेवारीखुर्द में घर के बाहर खेल रहे 6 साल के बच्चे गौरव को कुत्ते ने काट दिया। जमरुवा में 37 साल के ईश्वर देशमुख को भी खेत तरफ कुत्ते ने दौड़ाकर पैर काट दिया है। इसी तरह गुंडरदेही अस्पताल में 9 साल की बच्ची को ग्राम तवेरा से भर्ती कराया गया। वह तालाब से नहाकर आ रही थी। इस दौरान एक कुत्ता उनके पीछे पड़ गया। शुक्रवार को भी अलग अलग अस्पतालों में कुत्ते काटने की शिकायत आई है। कई केस पुराने भी हैं जिन्हें हफ्ते 10 दिन के अंतराल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने के लिए बुलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जिला डाटा मैनेजर रवि भूषण सोनबरसा ने कहा चार महीने में जिले में 300 से ज्यादा केस आ चुके हैं। पिछले साल 1200 केस आए थे।

जिला अस्पताल में वैक्सीन की कमी तो है ही। गांव के अस्पतालों में इसका स्टाॅक एक महीने पहले से खत्म हो गया है। ऐसे में गांव के मरीज भी जिला अस्पताल में रेफर हो रहें हैं। वैक्सीन की इस कमी का फायदा निजी दुकानदार भी उठा रहें हैं।

लिखा गया है पत्र: डॉ. चौबे

सीएमएचओ डॉ जीके चौबे ने कहा मेडिकल कॉर्पोरेशन को एक पत्र लिखकर जल्द एंटी रैबीज वैक्सीन भिजवाने के लिए मांग की गई है। लोकल खरीदी पर उच्च अधिकारी कई बार सवाल उठा देते हैं। इसलिए नहीं खरीद रहे हैं। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ एसपी केसरवानी ने कहा-वैक्सीन का स्टाॅक खत्म होने को आ गया है। रोज चार से पांच डोज की जरूरत पड़ रही है। चिंता है कि स्टाॅक खत्म हुआ और शासन से आपूर्ति नहीं हुई तो आने वाले केस को कैसे मेंटेन करेंगे।

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