डौंडी ब्लॉक के अंतिम छोर में बसा तीन गांव बोरगांव, भीमाटोला, होदेकसा, जहां के लोग सोमवार को भीषण गर्मी में कलेक्टोरेट पहुंचकर बारिश में होने वाली समस्याओं से अफसरों को अवगत कराया और कहा कि बाारिश में खेत सूख जाते हैं। कारण ऊपरी सतह और कोई सिंचाई साधन का न होना है। पिछले कई दशक से वे सूखे की मार झेल रहे हैं। जबकि हमारा गांव तांदुला नदी के किनारे बसा है। लेकिन खेत ऊपरी स्थान पर है। जिससे खेतों में पानी ज्यादा समय ठहर नहीं पाता।
150 से ज्यादा लोग कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर से मिले। अपनी समस्याओं को अवगत कराया। फिर मांग की कि तांदुला नदी में जब पर्याप्त पानी होता है। तब 20-20 एचपी के बोर के माध्यम से तीनों गांव के लगभग 700 एकड़ में पानी पहुंचाया जा सकता है। जिस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि जो बन पाएगा वह किया जाएगा। गांव वाले जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे थे।
बालोद. समस्या को बताने भीषण गर्मी में कलेक्टोरेट पहुंचे तीन गांवों के लोग।
खनिज क्षेत्र के रहने वाले लेकिन हमें कोई सुविधा नहीं मिलती: रमेश्वर
रमेश्वर गावड़े ने बताया कि डौंडी क्षेत्र से कच्चा लोहा पूरे देश के विकास के लिए सरकार ले जाती है। लेकिन इस क्षेत्र में बसे लोगों को आज भी कोई सुविधा दे नहीं पाई है। लंबे समय से डौंडी दल्ली क्षेत्र के लोग लाल पानी से प्रभावित हैं। इस पर कोई पहल नहीं की गई है। सुना है सरकार करोड़ों रुपए माइनिंग क्षेत्र के लिए भी देती है। लेकिन मेरे गांव के लोगों ने इस पैसे से कोई विकास अभी तक नही देखा। हम दो समितियां बनाकर बोर के लिए बिजली लेंगे। जिला प्रशासन को हमारी बात सुनना होगा। वरना क्षेत्र के लोग नहीं उबर पाएंगे।
क्षेत्र के गांवों में बारिश में सूख जाते हैं खेत
बोरगांव, भीमाटोला, होदेकसा से पहुंचे लोगों की मांग पर जिपं अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासन सुन ले तो अच्छा है। वरना हम अपने फंड से बोर करवाएंगे। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अनिता कुमेटी, ग्वाल सिंह गावड़े, सोमन मंडावी, उदेलाल मंडावी, जीत राम निषाद, झुमुक लाल, धनशाय तारम, कुमार सिंह, भाव सिंह, महेश राम गावड़े, गनपत राम उपस्थित थे।
खेती में हर साल नुकसान ही हो रहा, इससे उबर नहीं पा रहे हैं किसान: सरपंच
बोरगांव के सरपंच निर्भयराम रावटे ने बताया कि गांव के लोगों की आर्थिक स्थिति दिनोंदिन गिरती जा रही है। खेती-किसानी में नुकसान होने के चलते गांव के लोग मजदूरी करने के लिए शहर की ओर जा रहे हैं। गांव के किसान परेशान हो रहे हैंं। हमारी जमीन ही ऐसी जगहों पर हैं जहां पानी नहीं पहुंच पाता। चन्दन सिंह हिड़को ने बताया कि पूरा इलाका आदिवासियों का है। हम किसानी तो करना चाहते हैं लेकिन हमें किसी तरह की कोई मदद मिल नहीं पा रही है। इसके चलते अब किसान दूसरे कामों में अपना ध्यान लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अब हमें अपनी जरूरतें पूरा करने के लिए दूसरा काम करना पड़ रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष बोले- प्रशासन बोर नहीं देगा तो हम करवाएंगे
जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर ने कहा कि आदिवासी अंचल में बहुत से गांव ऐसे हैं। जहां थोड़े से प्रयास में लोगों को आर्थिक रूप परेशानी से उबारा जा सकता है। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। आदिवासी लगातार मांग करने आते हैं लेकिन किसी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं होती। पूरा डौंडी क्षेत्र लाल पानी से प्रभावित है। दल्लीराजहरा में पीने का पानी नहीं। लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर बिल्कुल भी नहीं है। विडंबना है यहां की खनिज संपदा का हनन किया जा रहा। लेकिन विकास के नाम पर जीरो काम हो रहा है।