भानुप्रतापपुर तक ट्रेन का विस्तार करने के बाद जब से रेलवे विभाग ने नया टाइम टेबल जारी किया है तब से बालोद रेलवे स्टेशन पर दोपहर को 2.32 बजे पहुंचने वाली यात्री ट्रेन 40 से 50 मिनट देर से पहुंच रही है। जिससे यात्री परेशान हो रहे है। वे रोज इसकी शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हो कुछ नहीं रहा है।
अधिकारी कह रहे हैं कि हमारी मजबूरी है हम कुछ नहीं कर सकते। इसका कारण यह है कि जब ट्रेन दल्लीराजहरा पहुंचती है, तब डीजल डाला जाता है, वह भी दोनों टाइम। इसमें 20 मिनट समय लग रहा है। दुर्ग, मरोदा में तकनीकी व विभागीय कारणों से पासिंग देर से दी जाती है। जब तक पासिंग नहीं देंगे तब तक ट्रेन आगे नहीं बढ़ेगा। रेलवे अफसरों का कहना है कि जब से भानुप्रतापपुर तक ट्रेन का विस्तार किया गया है तब से दोनों टाइम डीजल डाला जाता है ताकि किसी भी प्रकार की रुकावट न आए। पिछले माह से बालोद स्टेशन पर यात्रियों को ट्रेन देर से मिल रही है। सोमवार को ट्रेन 3.15 बजे के बाद पहुंची। इससे यात्री परेशान होते रहे।
8 बोगी ट्रेन में पैर रखने तक जगह नहीं
बालोद. रेलवे स्टेशन पर देर से पहुंच रही ट्रेन। भीड़ बढ़ गई है।
टाइमिंग बदलने के बाद समस्या
जब से भानुप्रतापपुर तक ट्रेन चल रही है, तब से सही समय में ट्रेन आने का ठिकाना नहीं है। सोमवार को रेलवे स्टेशन पहुंचे यात्री रोमेश साहू, भूपेन्द्र कुमार, अजय, विनोद सोरी ने बताया कि ट्रेन का इंतजार अब ज्यादा ही करना पड़ रहा है, 15 अप्रैल से ही ट्रेन टाइमिंग में बदलाव हुआ है। उसके अनुसार भी स्टेशन में पहुंच रहे हैं तो भी ट्रेन का और इंतजार करना पड़ रहा है। यात्री निर्धारित समय इसलिए पहुंचंते हैं ताकि ट्रेन छूट न जाए, जब ट्रेन निर्धारित समय में नहीं पहुुंचता तो इंतजार करना पड़ता है।
ट्रेन लेट होने के कई कारण: बिश्वास
स्टेशन मास्टर एन. बिश्वास का कहना है कि ट्रेन लेट होने के कई कारण है। दुर्ग, मरोदा की तरफ से अगर ट्रेन जल्दी आएगी तो यहां भी सही समय पर पहुंच जाएगी।ं
जब से भैंसबोड़ व सल्हाईटोला में रुक रही ट्रेन तब से रेलमपेल
भास्कर न्यूज | बालोद
एक माह के अंतराल में भानुप्रतापपुर तक विस्तार फिर भैंसबोड़ व सल्हाईटोला (डौंडी) में ट्रेन रुक रही है। इसके बाद जब ट्रेन बालोद तक पहुंचती है तो खचाखच भीड़ रहती है। जिसके कारण यहां से ट्रेन में चढ़ने वाले लोगों को सीट नहीं मिल रहा है।
रेलवे विभाग के अनुसार एक माह के अंदर ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों की संख्या में 200 का इजाफा हुआ है, यह न्यूनतम आंकड़ा है यानि पहले से ही ट्रेन में 1500 से ज्यादा यात्री सफर कर रहे थे, अब यात्रियों की संख्या 1700 तक हो चुकी है, जो ट्रेन में रोजाना सफर कर रहे हैं। बावजूद बोगी बढ़ाने को लेकर रेलवे विभाग ने अब तक कोई पहल नहीं की है। स्थानीय स्टेशन मास्टर व अफसरों का कहना है कि रायपुर से ही कुछ हो पाएगा। इसके लिए कमेटी निर्णय लेगी। हम कुछ कर नहीं सकते। रेलवे के अनुसार 8 बोगी वाली ट्रेन में औसतन 800 लोग आराम से बैठकर सफर कर सकते हैं लेकिन ऐसे हालात यहां बन नहीं पा रहे हैं। कारण यह है कि जिले के ज्यादातर लोग ट्रेन में ही दुर्ग, भिलाई, रायपुर तक सफर करते हैं।
भानुप्रतापपुर-रायपुर के बीच रोज 6 फेरे लगा रही
बालोद रेलवे स्टेशन पर रोजाना सैकड़ों लोग पहुंचते हैं, जो ट्रेन में सफर करते हैं। जिले में सुबह से शाम तक रोजाना डेमू ट्रेन छह फेरा लगाती है। वहीं सोमवार से बुधवार तक एक ट्रेन अतिरिक्त चलती है।
हम नहीं बढ़ा सकते बोगी
स्टेशन मास्टर एन. बिश्वास का कहना है कि बोगी बढ़ाने का अधिकार हमें नहीं है। लोग अगर मांग पत्र सौंपता है तो उच्च अधिकारियों को भेज देंगे। बोगी बढ़ाना है या नहीं, यह जोन स्तर पर तय होता है। इसके लिए कमेटी होती है। जो सब कुछ तय करती है।