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289 गिरफ्तार, पत्थलगड़ी को संवैधानिक बताया, जिले में इसे जारी रखने का ऐलान
जशपुर, कोरबा, मानपुर (राजनांदगांव) के बाद अब पत्थलगड़ी मामले की गूंज बालोद में भी होने लगी है। मंगलवार को सर्व आदिवासी मूल निवासी समाज ने शहर में प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने अन्य जिले में पत्थलगड़ी के मामले में 41 गिरफ्तार साथियों को रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि पत्थलगड़ी संवैधानिक है। रैली से पहले समाज ने गंजपारा गोंडवाना भवन में हुई सभा में संकल्प लिया कि अब जिले के गांवों में भी पत्थलगड़ी करेंगे। इस अधिकार से शासन हमें नहीं रोक सकती। प्रदर्शन में करीब 800 लोग जुटे थे। गिरफ्तारी 289 लोगों ने दी। प्रदर्शन को लेकर पुलिस भी अलर्ट रही। हालांकि मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस इनकी रैली को दल्ली चौक तक रुकवा नहीं पाई। पैदल गिरफ्तारी देने की जिद पर समाज के लोग अड़ गए। दल्ली चौक से कंट्रोल रूम तक सड़क घेर कर रैली चलती रही। इस दौरान करीब आधे घंटे तक दल्ली मार्ग में ट्रैफिक जाम रहा।
अब आंदोलन हुआ तेज
बालोद. इस तरह से रैली में सड़क जाम कर चलती रही आदिवासी समाज की रैली
क्या है पत्थलगड़ी
पत्थलगड़ी आदिवासियों की एक प्राचीन परंपरा है। इसमें पत्थर को किसी स्थान पर गाड़ कर इलाके को प्रतिबंधित क्षेत्र व स्व शासन (खुद का सरकार ) घोषित कर दिया जाता है। यहां बिना ग्राम सभा की अनुमति के किसी भी दूसरे व्यक्ति का प्रवेश वर्जित होता। इस इलाके में वे अपना ही शासन स्वीकार करते हैं। उनके गांव में पुलिस प्रशासन भी हस्तक्षेप नहीं कर सकती। आदिवासी किसी जमीन पर पत्थर गाड़ कर अपना अधिकार प्रकट करते हैं।
राजनांदगांव के बाद अब पत्थलगड़ी की गूंज बालोद पहुंची, जुटे जिलेभर के आदिवासी परिवार
जल, जंगल, जमीन उद्योगपतियों को बेचने के लिए सरकार कर रही षड्यंत्र
सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष गजानन्द प्रभाकर ने कहा कि पत्थलगड़ी संवैधानिक होने के बाद भी हमारे साथियों पर कार्रवाई की जा रही है। यह पत्थलगड़ी समाज के साथी राज्य के जल,जंगल, जमीन को बचाने के लिए कर रहे हैं। पर सरकार उन्हें गिरफ्तार करवाकर जल, जंगल, जमीन को उद्योगपतियों को बेचने का षड्यंत्र कर रही है।
इन्होंने दिया समर्थन: आंदोलन को छग मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष व डौंडी लोहारा के पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर ने समर्थन दिया। उन्होंने पत्थलगड़ी को सही बताते हुए सरकार पर आदिवासी समाज के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया।
टीआई से हुई बहस
आदिवासियों ने कहा- एक गाड़ी में नहीं जाएंगे और गाड़ी मंगवाओ
दोपहर करीब 1.45 बजे गंजपारा के गोंडवाना भवन से रैली निकलकर दल्ली चौक पहुंची। वहां दोपहर दो बजे नारेबाजी के साथ सड़क जाम करने लगे। पुलिस ने लोहारा रोड से आने वाले वाहनों का मार्ग जय स्तंभ चौक से डायवर्ट कर दिया था। पर दुर्ग, धमतरी व दल्ली की ओर से आने वाले लोग दल्ली चौक पर फंसे रहे। 15 मिनट सड़क घेरने के बाद टीआई राम किंकर यादव उन्हें गिरफ्तारी देने के लिए कहने लगे तो पदाधिकारी उलझ गए। समाज के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष युवराज कुंजाम ने कहा एक गाड़ी में सभी लोग नहीं जाएंगे। आप चाहे तो किश्तों में गिरफ्तारी करें। सभी लोग गिरफ्तारी देंगे। अगर दूसरी गाड़ी नहीं लाओगे तो हम पैदल ही गिरफ्तारी देने जाएंगे। बात नहीं बनी और जिन लोगों को पुलिस ने पहले गाड़ी में बैठा दिया था वे भी उतर गए। समाजजन दल्ली चौक से एक किमी तक रैली के रूप में गिरफ्तारी देने कंट्रोल पहुंचे।